गंगोत्री हाईवे पर रतूड़ीसेरा, बंदरकोट व बड़ेथी चुंगी का भूस्खलन उत्तरकाशी वासियों की मुसीबतें बढ़ा रहा है। यहां दिनभर में चंद घंटे गाड़ियां पास होने के अलावा अधिकांश समय यातायात अवरुद्ध पड़ा है। इंद्रावती नदी के मलबे से नगर की ओर हुआ भागीरथी का बहाव कटाव के साथ खतरा बढ़ाता जा रहा है।
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रविवार को ऋषिकेश, देहरादून से उत्तरकाशी तक गंगोत्री हाईवे पर यातायात खुला रहा। रविवार रात को रतूड़ीसेरा में भारी भूस्खलन से सड़क फिर अवरुद्ध हो गई। बीआरओ ने घंटों की मशक्कत के बाद यहां किसी तरह सोमवार दिन में यातायात बहाल किया लेकिन शाम होते-होते फिर मलबा आने से वाहनों के पहिए जाम हो गए हैं।
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बंदरकोट, बड़ेथी चुंगी वाले भूस्खलन क्षेत्र में भी वाहनों की आवाजाही रुक-रुक कर हो रही है। ऊपर से भूस्खलन तथा पानी की निकासी न होने से इन हिस्सों में सड़क दलदली होने से यातायात खासा जोखिम भरा बना है।
वायरक्रेट ढह गए
जलागम क्षेत्र में बारिश का दौर जारी रहने से भागीरथी के जलस्तर में कमी नहीं आई है। इंद्रावती नदी के मलबे के कारण नदी का प्रवाह नगर की ओर है। इससे तटवर्ती हिस्सों में कटाव बढ़ता जा रहा है। जड़भरत घाट के आसपास बस्ती की सुरक्षा के लिए लगाए गए वायरक्रेट ढह गए हैं। काली कमली धर्मशाला के पिछले हिस्से में कटाव बढ़ता जा रहा है। प्रशासन यहां भी वायरक्रेट डालने में जुटा है। लेकिन नदी के पानी के जोर के कारण नगर पर मंडरा रहा खतरा अभी तक टला नहीं है।
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