अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में नर्सिंग छात्राओं के लिए युवा सशक्तिकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। आर्ट ऑफ लिविंग के सहयोग से आयोजित चार दिवसीय कार्यशाला में नर्सिंग छात्राओं को तनाव मुक्त रहने की जानकारी दी गई। कार्यशाला में योग, प्राणायाम, ध्यान और सुदर्शन क्रिया का प्रदर्शन किया गया।
डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता ने कहा कि नर्सिंग का पाठ्यक्रम एक पेशेवर पाठ्यक्रम है। इसमें लगन, मेहनत के साथ मन को एकाग्र रखते हुए अपने लक्ष्य को फोकस करने की जरूरत होती है। ऐसे में नर्सिंग के विद्यार्थियों के कौशल विकास के लिए इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन समय-समय पर होना जरूरी है। कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्रिंसिपल प्रो. स्मृति अरोड़ा ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को तनावमुक्त रहने और बुरी आदतों से बचने में मदद करते हैं। छात्रों को अपने कैरियर के प्रति गंभीर रहकर एकाग्रता से अध्ययन करना चाहिए। आर्ट ऑफ लिविंग, ऋषिकेश के निदेशक निर्मल मटेला ने कहा कि हमें न केवल अध्ययन के क्षेत्र में बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अपनी दक्षता का विकास करना चाहिए। कार्यशाला में प्रो. डॉ. राज राजेश्वरी, ओशिन पुरी, अर्पित सिंह, तान्या चौहान, कीर्ति, गीतिका, प्रदीप यादव, विश्वास आदि शामिल थे।