ढालवाला स्थित एक गत्ता फैक्टरी में काम कर रहे श्रमिकों ने फैक्टरी प्रबंधन के खिलाफ गेट पर धरना दिया। इस दौरान श्रमिकों ने फैक्टरी प्रबंधन पर श्रम कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया। वहीं कर्मचारियों ने श्रम कानून के अंतर्गत आने वाली सुविधाओं का लाभ न देने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
बुधवार को गत्ता फैक्टरी में एक कर्मचारी कार्य के दौरान मशीन की डाई के बीच फंसकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। एम्स ऋषिकेश में घायल मजदूर का उपचार चल रहा है। बृहस्पतिवार को फैक्टरी में कार्यरत श्रमिकों ने घायल कर्मचारी की अनदेखी को लेकर फैक्टरी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। श्रमिकों ने फैक्टरी के बाहर धरना दिया। धरना देने वाले श्रमिकों का कहना था कि फैक्टरी प्रबंधन की ओर से उनको ईएसआई, पीएफ और साप्ताहिक अवकाश का लाभ नहीं दिया जा रहा है। श्रमिकों ने कहा कि उनको नियमानुसार वेतन भी नहीं दिया जाता। जो वेतन दिया जाता है, वह समय से नहीं मिलता। यदि कोई श्रमिक अपने हक के लिए आवाज उठाता है तो उसे फैक्टरी से बाहर निकाल दिया जाता है। फैक्टरी में करीब 200 श्रमिक काम करते हैं, लेकिन फैक्टरी के अंदर डिस्पेंसरी भी नहीं है। मजदूरों का कहना था कि गत्ता फैक्टरी में उनका शोषण हो रहा है। श्रम विभाग, राज्य कर्मचारी बीमा निगम देहरादून, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन देहरादून के अधिकारी भी श्रम कानूनों का पालन नहीं करवा पा रहे हैं।
- ढालवाला स्थित गत्ता फैक्टरी नियमों के विरुद्ध चल रही है। इस फैक्टरी पर विभाग की ओर से दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इस फैक्टरी पर श्रम विभाग की ओर से वर्ष 2019 में दो करोड़ 47 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसी मामले में 28 फरवरी को तारीख की लगी है।
- सिरताज सिंह रांगड़, श्रम प्रवर्तन अधिकारी टिहरी गढ़वाल