कोतवाली पुलिस के हत्थे चढ़ा ठगी करने वाला गिरोह।
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ऋषिकेश। साधु के वेश में महिलाओं और बुजुर्गों को झांसा देकर ठगने वाले गिरोह के दो शातिर बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी सगे भाई हैं और कई दिनों से तीर्थनगरी में सक्रीय थे। दोनों के पास से पुलिस को 33 हजार 500 रुपये की नकदी और पीड़ित का आधार कार्ड बरामद हुआ है।
ऋषिकेश कोतवाल रवि सैनी ने के अनुसार डबल सिंह रावत पुत्र उत्तम सिंह रावत निवासी ग्राम गंगा भोगपुर, तहसील यमकेश्वर, पौड़ी गढ़वाल ने पुलिस के पास ठगी की शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायकर्ता ने बताया था कि साधु का वेश धारण किए दो व्यक्तियों ने उनको डॉक्टर का पता पूछने के बहाने रोका था। इनमें से एक व्यक्ति ने स्वयं को वृंदावन का पुरोहित बताया था। दोनों व्यक्ति झांसा देकर उनका बैग लेकर फरार हो गए। बैग में 32 हजार की नकदी और कुछ जरूरी कागजात थे। पुलिस ने संबधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच के लिए एसओजी और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम गठित की थी। टीम ने मुखबिरों और 35 सीसीटीवी फुटेज की मदद से दोनों ठगों की जानकारी जुटानी शुरू की। बृहस्पतिवार देर शाम को मुखबिरों की सूचना पर दोनों आरोपियों को आईएसबीटी के पीछे से गिरफ्तार कर लिया गया। कोतवाल रवि सैनी ने बताया कि आरोपियों की पहचान अमजद (50) और कबीर अंसारी निवासी ग्राम गोपालपुर, मोहर टोला, थाना ठाकुरगंगती, जिला गोड्डा, झारखंड के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों पर संबधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
दो माह पहले महिला का उड़ाया था पर्स
ठगी के मामले में गिरफ्तार हुए अमजद और कबीर अंसारी ने करीब दो महीने पहले मेन मार्केट में टेंपो स्टैंड के पास एक महिला को झांसे में लेकर उसका पर्स उड़ा लिया था। पर्स में एक सोने का पेंडल, अंगूठी, फोन और दो हजार रुपये की नगदी थी। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने झारखंड जाते समय पर्स और फोन रास्ते में फेंक दिया था। वहीं आभूषणों को 15 हजार में रुपये में किसी को बेच दिया था। आरोपियों के पास से ठगी गई रकम में से केवल 3500 रुपये बरामद हुए।