गर्मी लगातार बढ़ रही है। गर्मी से निजात पाने लोग फ्रिज का ठंडा पानी व कोल्डडि्रंक्स का लोग जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। फ्रिज का ठंडा पानी व कोल्डडि्रंक्स का सेवन स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है। लोग गले में खराश, जुकाम व बुखार की चपेट में आ रहे हैं। सरकारी के साथ ही निजी अस्पतालों में आजकल वायरल से पीड़ित मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है।
मौसम में बदलाव के साथ ही पारा लगातार बढ़ रहा है। इससे लोग गर्मी से परेशान हैं। पंखों के साथ-साथ अब कूलर और एसी भी घरों में चल रहे हैं। वहीं, ठंडे पेय पदार्थों की भी मांग काफी बढ़ गई है। लोग फ्रिज में रखे ठंडे पानी का इस्तेमाल सामान्य रूप से कर रहे हैं। इसी तरह से जमकर कोल्डडि्रंक्स, मैंगोशेक, ठंडी लस्सी आदि पीने के साथ-साथ आइसक्रीम का भी लुत्फ उठा रहे हैं। इन ठंडे पदार्थों का इस्तेमाल स्वास्थ्य को काफी नुकसान पहुंचा रहा है। इससे वायरल का प्रकोप बढ़ गया है।
सिविल अस्पताल रुड़की के पूर्व फिजिशियन डॉ. अर्पित सैनी ने बताया कि बाहर से आने पर तुरंत ही कूलर के सामने बैठना और फ्रीज का ठंडा पानी या फिर कोई अन्य शीतल पेय पदार्थ का सेवन करना, बेहद नुकसानदायक है। बाहर से आने पर शरीर गर्म रहता है। ऐसे में शीतल पेय पदार्थ के तुरंत सेवन से शरीर का तापमान बदल जाता है। जो बीमारी का कारण है। इससे गले में खराश पैदा हो जाती है। नाक से पानी बहने लगता है। साथ ही शरीर थका-थका लगता है। बुखार भी हो जाता है। उल्टी-दस्त की भी शिकायत बढ़ रही है। इसलिए फिलहाल इन दिनों फ्रिज के ठंडे पानी, कोल्डडि्रंक्स आदि से परहेज करें।
उन्होंने बताया कि प्रतिदिन वायरल से पीड़ित अनेक मरीज उनके पास उपचार को आ रहे हैं। मौसम को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। खानपान का विशेष ध्यान रखें। इसके अलावा कूलर के आगे न सोएं। सोते समय चादर जरूर लें। किसी भी तरह की परेशानी होने पर चिकित्सक की सलाह लें।