01 ऋषिकेश स्टेशन में 106 दिनों के बाद पहुंची हेमकुंड और वाडमेर एक्सप्रेस
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106 दिन बाद रेलवे स्टेशन की पटरियों पर ट्रेन का पहिया घूमा तो स्टेशन के बाहर व्यापारियों के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई। आने वाले दिनों में चहल-पहल बढ़ेगी तो उनका भी व्यापार चमकेगा। हालांकि पहले दिन करीब-करीब सन्नाटे जैसी ही स्थिति रही।
ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से ट्रेनों का संचालन शुरू होने की खबर बहुतों के लिए सुखद अहसास की तरह है। यहां से यात्रा शुरू करने वाले यात्रियों के लिए तो ये सुखद है ही, रेलवे स्टेशन के भीतर और बाहर कारोबार करने वालों के लिए भी ये खुश होने वाला दिन था। हालांकि पहले दिन स्टेशन पर सन्नाटा ही पसरा रहा। बीते दिनों यहां सीआरएस एक्सप्रेस के सफल संचालन के बाद मुरादाबाद रेलवे डिवीजन ने यहां ट्रेनों का संचालन शुरू करने का निर्णय लिया। बृहस्पतिवार को यहां दो एक्सप्रेस ट्रेन पहुंचीं। सुबह 8.40 पर ऋषिकेश-कटरा रेलमार्ग में चलने वाली हेमकुंड एक्सप्रेस 11 बोगी के साथ ऋषिकेश स्टेशन पहुंची। इसके बाद सुबह 10.30 पर ऋषिकेश-बाडमेर रेलमार्ग में संचालित होने वाली बाडमेर एक्सप्रेस 12 बोगी और एक इंजन के साथ यहां पहुंची। हालांकि दोनों ट्रेनों के इंजन विद्युत के बजाए डीजल के रहे। शाम को 4.35 पर हेमकुंड एक्सप्रेस और शाम 6.05 पर बाडमेर एक्सप्रेस सवारियों को लेकर ऋषिकेश स्टशेन से अपने गंतव्यों के लिए रवाना हुईं। इस दौरान टिकट काउंटर पर लोगों की भीड़ भी नजर आई। स्टेशन भी साफ-सुथरा नजर आया।
स्टेशन मास्टर आशीष जखमोला ने बताया कि वीरभद्र रेललाइन और योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन की रेल लाइन को जोड़ने के कारण बीते चार दिसंबर से यहां ट्रेनों का आवागमन बंद था।
रेल लाइन को क्लीयरेंस चेक करने की लगी नई मशीन
ऋषिकेश स्टेशन में रेल लाइन को क्लीयरेंस की जानकारी देने के लिए नई बीपीएससी मशीन लगाई गई है। बता दें कि पहले यहां पर टोकन मशीन के जरिए लाइन की क्लीयरेंस ली जाती थी। जो कि काफी पुरानी प्रक्रिया से संचालित होती थी। मगर वीरभद्र और योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन के बीच रेल लाइन बिछाने के दौरान यहां लाइन क्लीयरेंस की जानकारी देने के लिए आधुनिक तरीके से संचालित होने वाली बीपीएससी मशीन लगाई गई है।