ऋषिकेश। तहसील दिवस पर कुल 18 शिकायतें दर्ज हुई, जिसमें 14 शिकायतें पेंशन से संबंधित थी। वहीं जो लोग पुराने फार्म के फॉरमेट में फार्म भरकर लाए थे, उन्हें सहायक समाज कल्याण अधिकारी ने वापस लौटा दिया। नए फार्म में ज्यादा औपचारिकता होने पर पार्षद बीरेंद्र रमोला, पार्षद अजीत सिंह और पार्षद देवेंद्र प्रजापति ने विरोध किया।
सुबह 11 बजे तहसील परिसर में तहसील दिवस आयोजित किया गया। अलग-अलग विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। तहसील दिवस में 14 शिकायतें पेंशन से संबंधित थी। जबकि चार शिकायतों में एक शिकायत नगर निगम, एक शिकायत श्रम विभाग और दो राजस्व विभाग से संबंधित थी। वहीं जो लोग पुराने प्रारूप पर पेंशन का फार्म भरकर लाए थे, सहायक समाज कल्याण अधिकारी महेश प्रताप ने उन्हें वापस लौटा दिया। सहायक समाज कल्याण अधिकारी का कहना था कि अब नए प्रारूप में फार्म आ गए हैं, नए प्रारूप में ही फार्म जमा होंगे। तहसील दिवस पर रेंजर महेंद्र सिंह रावत, भारती, नरेश कुमार, राजपाल सिंह, वीरेंद्र सिंह राणा, विश्वनाथ भट्ट, श्यामलाल जोशी, महेश प्रताप सिंह, आरसी कैलखुरा, अनिल कुमार, संजय वर्मा, नीरजकांत, डॉ.एसके पंत, अनुभव नौटियाल, डॉ.राजेश रतूड़ी आदि थे।
पांच महीने से नहीं लगी बहु की पेंशन
गुमानीवाला निवासी श्याम लाल वर्मा ने कहा कि बेटे के निधन के बाद उन्होंने बहु की विधवा पेंशन लगाने के लिए तहसील में सहायक समाज कल्याण अधिकारी के पास मार्च महीने में फार्म जमा किया था। सभी औपचारिकता पूरी की थी, लेकिन पांच महीने बीत जाने के बाद भी पेंशन नहीं लग पाई।
पेंशन का सत्यापन कराने पहुंचे बुजुर्ग
तहसील दिवस मेें पेंशन का सत्यापन कराने के लिए कई लोग सहायक समाज कल्याण अधिकारी के पास पहुंचे। सहायक समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि अभी पेंशन का सत्यापन नहीं हो रहा है, अभी सत्यापन कराने के कोई आदेश नहीं आए हैं, फिर सत्यापन कराने आए बुजुर्ग वापस लौट गए।