ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश में प्रदेश का पहला येलो फीवर टीकाकरण केंद्र बनाया गया है। अफ्रीका और साउथ अमेरिका आदि देशों की यात्रा से पहले लोगों के लिए येलो फीवर का टीका लगाना अनिवार्य होता है। क्योंकि इन देशों में येलो फीवर का काफी प्रकोप है। अब तक येलो फीवर के टीकाकरण की सुविधा केवल दिल्ली में ही उपलब्ध थी।
एम्स निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने बताया कि एम्स ऋषिकेश उत्तराखंड में पहला ’येलो फीवर टीकाकरण केंद्र’ स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि पहले यह सुविधा दिल्ली में ही उपलब्ध थी। ऐसे में विदेश यात्रा पर जाने वाले लोगों को येलो फीवर का टीका लगाने के लिए दिल्ली जाना पड़ता था। लेकिन अब विदेश यात्रा पर जाने वाले लोग एम्स ऋषिकेश में सुविधा का लाभ उठा पाएंगे।
क्या है येलो फीवर
येलो फीवर वायरस से उत्पन्न होने वाला एक तीव्र हैमरैजिक रोग है, जो मनुष्यों में संक्रमित मच्छर के काटने से होता है। रोग के नाम में येलो शब्द पीलिया की ओर संकेत करता है जो कुछ रोगियों को प्रभावित करता है। यह ऐसा रोग है जो पूरे शरीर को प्रभावित करता है।