- अस्थायी दुकानों से घाट परिसर में अव्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
- गंगा सभा ने नगर निगम से कई बार अतिक्रमण हटाने की मांग की
ऋषिकेश। त्रिवेणी घाट परिसर के मुख्य द्वार से लेकर नाव घाट तक फड़ और अस्थायी दुकानें लगने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि एक ही परिवार के कई सदस्यों ने अलग-अलग स्थानों पर फड़ लगाकर त्रिवेणी घाट व्यापार का केंद्र बना दिया है। सब कुछ देखते हुए नगर निगम प्रशासन मूक बना है।
त्रिवेणी घाट पर बढ़ रही अस्थायी दुकानों के करण घाट परिसर मनचलों का अड्डा बन गया है। यही मनचले तेज रफ्तार बाइक को घाट परिसर में दौड़ाते हैं। हैरत की बात यह है कि त्रिवेणीघाट पुलिस चौकी से चंद कदम की दूरी होने के बावजूद पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं कर पा रही है। घाट परिसर में चौपहिया वाहनों की एंट्री रोकने के लिए लगाए गए लोहे के गेटों पर ताले तो लगे हैं लेकिन उनकी चाबी नगर निगम कर्मचारियों के बजाय फड़ संचालकों के पास है। इससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
कांवड़ यात्रा और अन्य पर्वों के दौरान भीड़ बढ़ते ही असामाजिक तत्व भी सक्रिय हो जाते हैं। श्रद्धालुओं के सामान चोरी होने की घटनाएं लगातार सामने आती हैं। पुलिस वारदात के बाद सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुट जाती है लेकिन तब तक चोर फरार हो चुके होते हैं। गंगा सभा के अध्यक्ष राहुल शर्मा ने बताया कि घाट परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए नगर निगम के सफाई निरीक्षक को कई बार लिखित शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
- नगर निगम की टीम को भेजकर त्रिवेणी घाट परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। यह अभियान लगातार चलाया जाएगा।विजय नाथ शुक्ल, नगर आयुक्त, नगर निगम ऋषिकेश