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पंजीकरण नहीं हुआ तो धरने पर बैठे तीर्थयात्री

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चारधाम यात्रा को लेकर मात्र 13 दिन में ही प्रदेश सरकार की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है। आईएसबीटी परिसर में पंजीकरण और सप्ताह भर से बस की कमी और अव्यवस्थाओं से परेशान चारधाम तीर्थयात्रियों का सब्र का बांध टूट गया। तीर्थयात्री प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क पर धरने पर बैठ गए।
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रविवार को आईएसबीटी परिसर में महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडू, मध्य प्रदेश, राजस्थान आदि प्रांतों से आए तीर्थयात्री एकत्रित हुए। जब यात्रियों को पता चला कि चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया बंद है। केवल गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के लिए ही पंजीकरण हो रहे हैं। अन्य यात्रा के लिए उन्हें तीन दिन का इंतजार करना पड़ेगा। ऐसे में यात्रियों का पारा चढ़ गया। फोटो पंजीकरण केंद्र के सामने एकत्रित होकर तीर्थयात्रियों ने उत्तराखंड सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। आंध्र प्रदेश के तीर्थयात्रियों ने कहा कि हजारों रुपये खर्च करने के बाद वह यहां पहुंचे हैं। लेकिन यहां उत्तराखंड सरकार के इंतजाम पुख्ता नहीं हैं। जिसका खामियाजा तीर्थयात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। कहा जब प्रदेश सरकार चारधाम यात्रा की व्यवस्था को दुरुस्त करने में नाकाम रही तो चारधाम यात्रा का संचालन नहीं करना चाहिए था। ट्रेवर्ल्स संचालक रवि जैन ने कहा कि रोटेशन जो व्यवस्था बना रहा है, प्रशासन उस व्यवस्था को खराब कर रहा है। वह पूरी व्यवस्था को भंग कर रहा है। ऋषिकेश में इस समय चारधाम जाने वाले करीब 40 बसों के तीर्थयात्री ठहरे हुए हैं, जो शासन की उदासीनता के कारण परेशान हो रहे हैं। मौके पर पहुंचे चारधाम यात्रा प्रशासन के अधिकारियों ने किसी तरह हाथ पैर जोड़कर यात्रियों को मनाया।
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