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न समय पर आए अधिकारी, न पहुंचे फरियादि

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ऋषिकेेश। तहसील में आयोजित तहसील दिवस मजाक बनकर रह गया। पूर्व सूचना के बावजूद कई विभागों के अधिकारी जनसमस्याएं सुनने तहसील नहीं पहुंचे। जो अधिकारी आए भी, वे निर्धारित समय से काफी देर से आए। तहसील दिवस पर फरियादियों का भी टोटा रहा।
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प्रत्येक महीने के दूसरे मंगलवार को तहसील दिवस का आयोजन होता है। नियमानुसार क्षेत्रीय लेखपालों की ओर से अपने क्षेत्र में तहसील दिवस के बारे में लोगों को जानकारी देनी होती है, जो नहीं दी जाती। मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में सुबह 11:26 बजे तक तहसील दिवस का सभागार खाली था। इस समय तक तहसील दिवस के रजिस्टर में 11 अधिकारियों के हस्ताक्षर थे, लेकिन मौके पर पांच दिख रहे थे। वे भी बाहर धूप सेक रहे थे। सहायक समाज कल्याण अधिकारी के डोईवाला में आयोजित शिविर में जाने से समाज कल्याण से संबंधित शिकायत वाले लोगों को गेट से बाहर भेजा जा रहा था। अधिकांश शिकायतकर्ता वृद्धावस्था पेंशन लगवाने, छह महीने से पेंशन न आने, जीवित प्रमाणपत्र जमा कराने के लिए आए थे, लेकिन अधिकारी के मौके पर मौजूद न होने से उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ा। सर्वहारा नगर से आए अशोक ने बताया कि उन्हें पेंशन लगवानी थी, लेेकिन अधिकारी के मौके पर न होने से खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। कुल 12 शिकायतें आईं। इसमें जल संस्थान की सीवर लाइन में बार-बार ओवरफ्लो होने और बिजली का बिल ज्यादा आने की शिकायतें आईं। समाज कल्याण विभाग से संबंधित शिकायतों को दर्ज नहीं किया गया।
तहसील दिवस में आई दो समस्याएं
डोईवाला। मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में महज दो समस्याएं आई हैं। ब्लाक सभागार में तहसीलदार सुशील सैनी ने बताया कि दो लोगों ने समस्याएं रखीं। बताया कि जो समस्याएं रखी गईं। उनका निस्तारण का प्रयास किया गया है।
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