नगर निगम की वार्षिक बजट बैठक में कांग्रेस और भाजपा पार्षदों ने मेयर पर वार्डों में विकास कार्य न करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पार्षदों ने कहा कि चार साल के दौरान क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्य नहीं हुए। पार्षदों ने कहा कि निरंकुश अधिकारी जनप्रतिनिधियों की सुनने के लिए तैयार नहीं है। बजट के खर्च का ब्योरा देने की मांग करते हुए पार्षद हंगामा करने लगे। जब पार्षद काफी समझाने के बाद शांत नहीं हुए तो मेयर अनीता ममगाईं ने बैठक को स्थगित कर दिया।
सोमवार को नगर निगम की वार्षिक बजट बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। जब बोर्ड बैठक शुरू हुई तो पार्षदों ने उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। शुरुआत से लग रहा था कि बैठक अधिक देर तक नहीं चल पाएगी। कांग्रेस पार्षद राधा रमोला ने सबसे पहले विकास कार्यों न होने और वार्ड की सफाई व्यवस्था चरमराने का मुद्दा उठाया। पार्षद ने कहा वार्ड में विकास कार्य नहीं हो रहे हैं और जनता उनसे जवाब मांग कर रही है। पार्षद ने कहा महिला मेयर होने के नाते वह चार साल तक चुप बैठी रही है, लेकिन अब उनको नगर निगम की आय व्यय का ब्योरा बताना ही होगा।
राधा रमोला बैठक के बहिष्कार की बात कहकर बाहर जाने लगीं, लेकिन कांग्रेस पार्षद राकेश मियां उनको रोक लिया। पार्षद ने कहा कि निगम कर्मचारियों को कूड़ा उठाने के लिए कहते हैं तो वह उनके साथ अभद्रता से पेश आते हैं। वहीं पार्षद वीरेंद्र रमोला ने कहा कि अमितग्राम में बनाया गया शौचालय दो साल में ही जर्जर हो गया है। उन्होंने कहा कि वह काफी समय से वह अपने वार्ड में स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए प्रस्ताव दे रहे हैं, लेकिन कई बार प्रस्ताव देने के बाद भी अब तक वार्ड में स्ट्रीट लाइट नहीं लग पाई।
पार्षद ने अमितग्राम में बने शौचालय की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए निर्माण अनुभाग के अधिकारियों पर ठेकेदार से कमीशन लेने के आरोप लगाए। मेयर अनीता ममगाईं ने कहा कि आय के सीमित संसाधनों के बावजूद नगर निगम क्षेत्र में पिछले चार सालों में तेजी के साथ विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसका पूरा ब्योरा पार्षदों को दिया जाएगा। मेयर ने पार्षद से कहा कि ठेकेदार और अधिकारियों पर आरोप लगाकर आप अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि आप काम होने के बाद थर्ड पार्टी जांच को गंभीरता से लेते तो यह नौबत नहीं आती।
मेयर ने प्रभारी एसएनए आनंद सिंह मिश्रवाण को संबंधित ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए। वहीं मेयर ने कहा वार्डों में पांच-पांच स्ट्रीट लाइट अनिवार्य रूप से लगनी थी। स्ट्रीट लाइट वार्ड में क्यों नहीं लगी इस पर संबंधित अधिकारी लिखित स्पष्टीकरण दें। मेयर अनीता ममगाईं ने कहा कि पार्षदों के उपस्थिति रजिस्टर हस्ताक्षर न करने से स्पष्ट हो गया है कि वे बैठक के मूड में नहीं है। जैसे ही मेयर ने यह कहा तो भाजपा पार्षद सुंदरी कंडवाल अपनी कुर्सी से उठकर जाने लगी। इस बीच मेयर अनीता ममगाईं ने बैठक को स्थगित करने की घोषणा की। मेयर ने कहे नए प्रस्तावों पर तैयार एजेंडे के साथ अब 29 अप्रैल को बैठक की जाएगी।
बैठक में नगर आयुक्त जीसी गुणवंत, पार्षद नेता प्रतिपक्ष मनीष शर्मा, राजेंद्र सिंह बिष्ट, शिव कुमार गौतम, गुरविंदर सिंह गुर्री, अजीत सिंह गोल्डी, लव कंबोज, सुंदरी कंडवाल, विजेंद्र मोघा, राजेश दिवाकर, विपिन पंत, प्रभाकर शर्मा, लता तिवारी, मधु मिश्रा, अधिशासी अभियंता निर्माण अनुभाग विनोद जोशी, कर एवं राजस्व अधीक्षक निशात अंसारी आदि उपस्थित थे।