मातबर सिंह द्वारा बनाई गई स्टोन आर्ट पेंटिंग।
- फोटो : RISHIKESH
रायवाला। गंगा हास्पिस मेें कैंसर पीड़ित पत्नी की सेवा कर रहे मातबर सिंह बेजान पत्थरों में जान भर रहे हैं। पत्नी की असाध्य बीमारी के दर्द और अकेलेपन ने मातबर को स्टोन पेंटिंग्स का हुनरमंद बना दिया। आज जो भी उनकी पेंटिंग्स को देखते हैं वह हैरान रह जाता है।
कोटद्वार निवासी मातबर सिंह रावत 2019 से गौहरी माफी स्थित गंगा प्रेम हॉस्पिस में अपनी पत्नी अनीता रावत की देखभाल कर रहे हैं। उनकी पत्नी पिछले दो साल से कैंसर और ब्रेन स्ट्रोक्स से पीड़ित हैं। बीमार पत्नी के दर्द की वेदना और अकेलेपन को दूर करने के लिए उन्होंने पत्थरों पर आकृति गढ़ने की कला का सहारा लेना शुरू किया। इस कला को सीखने में यूट्यूब वीडियों बड़ा अहम योगदान रहा। मातबर की स्टोन आर्ट में ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, उल्लू का परिवार, मीकिमाउस, तित्तलियों का समूह जैसी पेंटिग्स लोगों को खूब भा रही हैं। राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर और कैंसर विशेषज्ञ डॉ. एके दिवान भी मातकर की पेंटिंग के मुरीद हैं। उन्होंने उनकी एक पेंटिंग को खरीदा था, जिसके मिले धनराशि को मातकर ने कैंसर मरीजों की देखभाल के लिए दान कर दिया।
मातबर सिंह द्वारा बनाई गई स्टोन आर्ट पेंटिंग।- फोटो : RISHIKESH