ऋषिकेश। तीर्थनगरी में दिनदहाड़े एक राजमिस्त्री ने 12 वर्षीय नाबालिग का अपहरण कर लिया। आरोपी की तलाश में पुलिस प्रशासन ने पांच टीमें गठित कर पांच घंटे बाद ही धामपुर से नाबालिग को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया चल रही है।
कोतवाली पुलिस ने बताया कि ऋषिकेश निवासी एक व्यक्ति ने शनिवार को कोतवाली में तहरीर देते हुए बताया कि राज मिस्त्री राजन ऊर्फ भोला निवासी गांव सरिया बिर्थी, पोस्ट सरिया बाजार, थाना पहाड़पुर जिला मोतिहारी बिहार, हाल निवासी- माया मार्केट श्यामपुर ऋषिकेश ने एक साल पहले उनके मकान में काम किया था। शनिवार को दिन में राजमिस्त्री भोला करीब डेढ़ बजे उनके घर पर आया और उनके 12 वर्षीय बेटे को कुछ खाने पीने का सामान दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया। काफी देर इंतजार करने के बाद जब वह वापस नहीं आया। अनहोनी की आशंका के चलते उन्होंने भोला को फोन किया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। कुछ समय बाद जब उन्होंने अपनी पत्नी के नंबर से उसे फोन किया तो उसने फोन उठा लिया। फोन रिसीव करने पर भोला ने कहा कि मैंने तुम्हारे बेटे का अपहरण कर लिया है। दो घंटे के अंदर 15 लाख की व्यवस्था करो। साथ ही धमकी दी कि यदि यह बात पुलिस को बताई तो उनका बेटा नहीं मिलेगा। पीड़ित व्यक्ति ने दोबारा भोला को फोन किया कि उसके पास 15 लाख रुपये नहीं हैं। तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया है। एसएसपी के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने पांच टीम गठित कर छानबीन में जुट गई है।
पुलिस टीम ने मुुखबिर की सूचना पर अपहरणकर्ता के मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस करते हुए अपहरणकर्ता के पीछे-पीछे ऋषिकेश से रायवाला होते हुए हरिद्वार, नजीबाबाद, नगीना से धामपुर पहुंची। जहां थाना प्रभारी धामपुर अपनी टीम के साथ धामपुर तिराहे पर चेकिंग कर रहे थे। टीम ने उन्हें घटना की जानकारी दी। लगातार लोकेशन ट्रेस करते हुए नगीना की तरफ से आती हुई एक रोडवेज बस को रोककर चेक किया गया। जिसमें पुलिस ने बच्चे को आरोपी के साथ बरामद किया।
लालच में आकर नाकाम घटना को दे रहा था अंजाम
ऋषिकेश। पूछताछ पर आरोपी ने बताया कि एक साल पहले वह शिकायतकर्ता के मकान में काम किया था। उसे पता था कि इनके पास काफी पैसा है। लॉकडाउन के चलते मेरा कहीं काम नहीं चल रहा था, तो मैंने सोचा कि क्यों न इनके बेटे को बहला-फुसलाकर ले जाता हूं। जो मैने किया। मैं उसे गाड़ी दिलाने के बहाने अपने साथ ले आया। मैं बच्चे को बस से मुरादाबाद तक ले जा रहा था। उसके बाद में ट्रेन से आगे जाता, परंतु पुलिस टीम ने उसे पकड़ लिया।
नहीं हो रहा बाहरी लोगों का सत्यापन
ऋषिकेश। कोतवाली, आईडीपीएल, श्यामपुर, थाना रायवाला, थाना रानीपोखरी आदि क्षेत्रों में बाहरी लोगों का सत्यापन नहीं हो रहा है। इन क्षेत्रों में कई लोग बिना सत्यापन के रह रहे हैं। बाहरी लोगों का सत्यापन नहीं होने से गलियों और क्षेत्रों में असामाजिक तत्वों की सक्रियता बढ़ गई है। ये लोग आसपास क्षेत्रों में घूमकर वहां की जानकारी प्राप्त कर चोरी और अपहरण जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं।
बीते पांच जुलाई को थाना रायवाला अंतर्गत फेरीवालों के भेष में घूम रहे दो चोरों ने तीन घरों की खिड़कियों के ग्रिल तोड़कर लाखों की चोरी की घटना को अंजाम दिया था। अब शनिवार को बिहार के एक राजमिस्त्री ने 12 वर्षीय नाबालिग बालक का अपहरण कर एक नई वारदात को अंजाम दिया है। जिससे आसपास क्षेत्रों में दहशत फैल गई है। स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि स्थानीय पुलिस समय-समय पर क्षेत्र में बाहरी लोगों का सत्यापन करती तो, इस तरह की घटनाएं नहीं होती। कहा क्षेत्र में कई कबाड़ी, फेरी वाले आदि बिना सत्यापन के घूम रहे हैं। ये लोग दिन में गलियों में घूमकर पूरी जानकारी जुटाते हैं। जिसके बाद ये घटना को अंजाम देते हैं।