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मन में पूरा है विश्वास भारत पहुंचने में हम होंगे कामयाब

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भातर सरकार ने यूक्रेन के सुमी शहर में फंसे 300 एमबीबीएस छात्र छात्राओं को सुरक्षित घर वापस लाने की कवायद शुरू कर दी है। भारतीय दूतावास गूगल डाक्स के माध्यम से छात्र छात्राओं को निकासी फार्म भरने की सुविधा दी है। सभी छात्र-छात्राओं को जरूरी सामान पैक करने के निर्देश दिए गए हैं। इन सभी छात्र सुुमी स्टेट युनिवर्सिटी के हास्टल के बेसमेंट के नीचे बने बंकर में शरण ली है। रूसी लड़ाकू विमान लगातार शहर पर मिसाइल बरसा रहे हैं।
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तमाम निराशाओं के बावजूद ऋषिकेश के सोमेश्वर नगर की जिया बलूनी को अब घर वापसी की आस जगी है। अमर उजाला अखबार लगातार जिया की आवाज को भारत सरकार तक पहुंचाने की प्रयास कर रहा है। अमर उजाला ने 300 भारतीय छात्रों का यूक्रेन से निकलना हुआ मुश्किल और अब धमाके सुनने की आदत हो गई सरीखी खबरों के माध्यम से जिया की मुंह जबानी सुमी फंसे 300 छात्र और छात्रों की व्यथा को बयां किया। यह कोशिश रंग लाती दिख रही है। जिया बलूनी ने बताया कि भारतीय दूतावास ने गूगल डाक्स के माध्यम से सुमी के फंसे सभी छात्र छात्राओं से निकासी फार्म भरवाए हैं। भारतीय दूतावास ने मैसेज भेजा है अगले एक दो दिन उनको सुमी से निकाला जाएगा। अगर योजना में बदलाव होता है तो पूर्व सूचना दी जाएगी। जिया ने बताया कि सभी छात्र छात्राओं को उपलब्ध कराई गई लिस्त के अनुसार बैग में सामान रखने के लिए कहा गया है। जिसमें बैकपैक में कपड़ो के दो जोड़े, दो लीटर पानी, दो तीन दिन के फल और सूखा नाश्ता, लड़कियों के लिए सैनिटरी पैड, पासपोर्ट वाजा सहित सभी जरूरी दस्तावजे , टायलेट, सूखे टिश्यू पेपर, वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट, पावर बैंक को ही रखने के लिए कहा गया है। जिया ने बताया कि उन्हें और अन्य भारतीय छात्रों का पूरा विश्वास है वे अपने देश पहुंचने में कामयाब होंगे।
पीएमओ ने ट्विट का दिया जवाब
- जिया बलूनी भाजपा की वरिष्ठ नेत्री सरोज डिमरी के छोटे भाई की बेटी है। सरोज डिमरी ने बताया भतीजी की सकुशल वापसी के लिए उन्होंने पीएमओ के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर मदद के लिए ट्विट किया था। सरोज ने बताया करीब आधे घंटे बाद उनको पीएमओ से पहले मैसेज और फिर फोन आया कि सुमी में फंसे बच्चों को बाहर निकालने के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया पीएमओ से लगातार भारतीय दूतावास के प्रयासों की जानकारी मिल रही है।
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