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एचआरडीए ने एमडीडीए कार्यालय पर जड़ा ताला

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एमडीडीए कार्यालय में ताला लगाता कर्मचारी। - फोटो : RISHIKESH
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ऋषिकेश क्षेत्र को एचआरडीए से अलग कर एमडीडीए में शामिल करने के बाद कार्यालय और फाइलों का चार्ज को लेकर दोनों विभागों में विवाद हो गया है। बुधवार को हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) ने मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के ऋषिकेश शाखा कार्यालय पर ताला जड़ दिया। एचआरडीए के वीसी ने पत्र लिखकर बिजली और टेलीफोन कनेक्शन भी कटवाने के निर्देश जारी किए हैं। कार्यालय हस्तांतरण को लेकर छिड़ी रार के बीच बुधवार कुछ देर एमडीडीए का क्लर्क कार्यालय में बैठा, उसके बाद दिनभर बंद दरवाजा बंद रहा। इस नाटकीय घटनाक्रम को लेकर दिन भर एमडीडीए और एचआरडीए अफसरों के बीच फोन पर तर्क वितर्क होता रहा।
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हाल ही में ऋषिकेश क्षेत्र को एचआरडीए से अलग कर एमडीडीए में शामिल कर दिया गया है। शासनादेश जारी होने के बाद एचआरडीए के अफसर फाइलें और कार्यालय हस्तांतरण की प्रक्रिया में जुट गए। इसके अलावा ज्यादातर कर्मचारियों और अफसरों ने हरिद्वार स्थित एचआरडीए कार्यालय में कार्यभार भी ग्रहण कर लिया है। एचआरडीए की ओर से कार्यालय हस्तांतरण के लिए एई एसएस चौहान और जेई सुनील गुप्ता को नोडल अफसर बनाया है। दूसरी ओर एमडीडीए के सचिव, अधिशासी अभियंता और एक बाबू ने ही अब तक ऋषिकेश में कार्यभार ग्रहण किया है। इसके अलावा एमडीडीए के अफसर अभी ऋषिकेश कार्यालय पर नियमित रूप से बैठ भी नहीं रहे हैं।
बुधवार को एमडीडीए के क्लर्क वीरेंद्र कुमार (नोडल अफसर) ऋषिकेश कार्यालय में बैठे। इसके बावजूद उन्होंने कार्यालय का अधिकारिक रूप से चार्ज नहीं लिया। इस ढुलमुल रवैये को देखते हुए एचआरडीए के अफसरों ने कार्यालय पर ताला लगवा दिया है। इसके अलावा एचआरडीए वीसी दीपक रावत ने एमडीडीए के वीसी को एक पत्र भी जारी किया है। इसमें कहा गया है कि कार्यालय हस्तांतरण जल्द कर लिया जाए। एचआरडीए वीसी का कहना है कि पुराना बिल भुगतान एचआरडीए कर देगा। इसी क्रम में एमडीडीए नए सिरे से कार्यालय में आवश्यक कनेक्शन बहाली करवाए।
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1600 फाइलें कर रहीं सुपुर्दगी का इंतजार
एचआरडीए ने कार्यभार हस्तांतरित करने की पूरी तैयारी कर ली है। इसके तहत विभिन्न मामलों से जुड़ी करीब 1600 फाइलों की नंबरिंग भी कर ली गई है। इसके अलावा इतनी ही संख्या में रिकार्ड की फाइलें हैं। एक तरफ एचआरडीए हस्तांतरण की तैयारी कर फाइलें एमडीडीए के सुपुर्द करने को उतावला है दूसरी ओर एमडीडीए की ओर से अभी कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई जा रही है। एमडीडीए के अफसर एचआरडीए से अधिकार क्षेत्र का सीमांकन भी करवाना चाह रहे हैं। उधर एचआरडीए अफसरों का तर्क है कि सारी फाइलें तैयार कर दी गई हैं। सीमांकन के लिए एमडीडीए खुद नगर निगम अफसरों से तालमेल कर मामला निपटाए।
कोट्स
एमडीडीए अभी कार्यालय और फाइलों का चार्ज नहीं ले रहा है। एचआरडीए के अफसर, कर्मचारी हरिद्वार कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं। ऐसे में कार्यालय में किसी कर्मचारी के मौजूद न रहने से फाइलों के खुर्द बुर्द होने का खतरा है। बुधवार को एमडीडीए के क्लर्क ने भी चार्ज लेने से इनकार कर दिया। लिहाजा कार्यालय में ताला लगा दिया गया।
- एसएस चौहान, नोडल अफसर, एचआरडीए
कुछ देर के लिए कर्मचारी बाहर गया था, इसलिए कार्यालय को बंद कर दिया गया था। हमने फाइलों का चार्ज ले लिया है। कुछ ही दिनों में कार्यालय का भी चार्ज ले लिया जाएगा। कार्यालय में पूरे दिन तालाबंदी नहीं रही।
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- एसएल सेमवाल, सचिव, एमडीडीए

बंद पड़ा एमडीडीए कार्यालय।- फोटो : RISHIKESH

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