त्रिवेणीघाट के नमामि गंगे की ओर से बनाया गया गंगा संग्रहालय।
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ऋषिकेश। त्रिवेणीघाट के समीप मानकों की अनदेखी कर गंगा अवलोकन केंद्र बनाया गया है। जिस जगह पर अवलोकन केंद्र बनाया गया है, वह डूब क्षेत्र में आता है। ऐसे में गंगा का जलस्तर बढ़ेगा तो अवलोकन केंद्र को नुकसान पहुंचने की संभावना है।
नमामि गंगे की ओर से त्रिवेणीघाट के समीप लाखों की लागत से गंगा अवलोकन केंद्र बनाया गया है। इस अवलोकन के अंदर पंच बद्री, पंच केेदार, हिमालय से लेकर गंगासागर तक मां गंगा की यात्रा, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, चारधाम, पर्यटक स्थल, वन्य जीव, पंच प्रयाग आदि का जीवंत चित्रण किया गया है। जहां पर यह अवलोकन केंद्र बना है। मानसून सीजन में उसके ऊपर तक गंगा का जलस्तर पहुंच जाता है। यहां से मात्र 35 मीटर की दूरी पर गंगा नदी बह रही है। ऐसे में यदि गंगा का जलस्तर बढ़ा तो गंगा का तीव्र प्रवाह अपने साथ सब कुछ बहाकर ले जाएगा। जून 2013 की बात करें तो गंगा के प्रवाह ने त्रिवेणीघाट पर सब तहस नहस कर दिया था। जहां पर गंगा अवलोकन केंद्र बनाया गया है उसके ऊपर तक करीब पांच फीट ऊंचा मलबा जम गया था। उसके बावजूद भी संबंधित विभाग मानकों की अनदेखी कर हादसों से सबक नहीं ले रहा है।
कभी रहते थे इसके अंदर निराश्रित लोग
ऋषिकेश। नमामि गंगे की ओर से त्रिवेणीघाट पर जिस कक्ष में गंगा अवलोकन केंद्र बनाया गया है, वह कक्ष आज से करीब छह महीने पहले तक निराश्रित लोगों का आशियाना हुआ करता था। गंगा अवलोकन केंद्र बनाने के लिए अब इसी कक्ष के ऊपर टीनसेट डाला गया है, जहां अब ये लोग रहते हैं।