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गोमुख से लेकर गंगा सागर तक के गंगा के इतिहास को दर्शाया गया है संग्रहालय में
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2020-21 में नमामि गंगे योजना से त्रिवेणीघाट पर किया गया था निर्माण
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Iत्रिवेणीघाट में नमामि गंगे योजना के तहत बना गंगा संग्रहालय का द्वार करीब तीन वर्ष बाद पर्यटक और स्थानीय लोगों के लिए खोल दिया गया है।
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Iसंग्रहालय में गोमुख से लेकर गंगा सागर तक गंगा के इतिहास को दर्शाया गया है। इसके अलावा संग्रहालय में पंचबदरी, पंच केदार, पंच प्रयाग, चारधाम, एसटीपी प्लांट, राजाजी टाइगर रिजर्व समेत विभिन्न जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
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Iवर्ष 2020-21 में नमामि गंगे योजना से करीब एक करोड़ रुपये की लागत से त्रिवेणीघाट पर गंगा संग्रहालय का निर्माण किया गया था। संग्रहालय का निर्माण होने के बाद पर्यटक और स्थानीय लोगों के लिए इसके द्वार बंद हो गए थे। वर्ष 2022 में गंगा का जलस्तर बढ़ने से संग्रहालय जलमग्न हो गया था, जिससे यहां रेत बजरी आदि मलबा घुस गया था। फिर विभाग की ओर से इसकी सफाई और इसका जीर्णोद्धार किया गया। करीब तीन वर्ष पर संग्रहालय के द्वार पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए खोल दिए गए हैं।
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Iनगर आयुक्त शैलेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि गंगा संग्रहालय स्थानीय लोगों व पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। नगर निगम की ओर से इसकी देखभाल की जाएगी।I