टैक्स बार एसोसिएशन ऋषिकेश की कार्यकारिणी की ओर से बजट 2026 पर आयकर की दृष्टि से चर्चा की गई। एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुकरेती ने बताया गया कि एक अप्रैल से कई सुधारों के साथ नया आयकर अधिनियम लागू होगा। पुराने जटिल आयकर कानून से मुक्ति मिलेगी।
मंगलवार को आयोजित बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुकरेती ने बताया कि यह बजट केवल एक वार्षिक वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाले व्यापक कर सुधारों की ठोस आधारशिला है। वर्तमान आयकर कानून अत्यधिक जटिल हो गया था। अनेक संशोधनों, अपवादों के कारण आम करदाता के लिए इसे समझना कठिन होता जा रहा था।
एक अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम लागू होने से सभी समस्याओं का समाधान होगा। किसी साधारण व्यक्ति को मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की ओर से अधिनिर्णीत ब्याज को अब कर से छूट दी जाएगी। टीसीएस को तार्किक बनाने के लिए विदेश यात्रा कार्यक्रम पैकेज की बिक्री पर टीसीएस दर को बिना किसी राशि निर्धारण के मौजूदा 5 प्रतिशत और 20 प्रतिशत से कम करते हुए दो प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।
संशोधित रिटर्न के लिए समय सीमा मामूली शुल्क के साथ 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च की गई। किसी अनिवासी की ओर से अचल संपत्ति की बिक्री पर टीडीएस की कटौती की जाने और टैन की आवश्यकता के बजाए निवासी क्रेता के पैन आधारित चालान के माध्यम से जमा कराए जा सकते हैं।
आय का गलत विवरण देने पर अतिरिक्त आयकर के भुगतान के साथ छूट दी जा सकेगी। आयकर अधिनियम के तहत मुकद्दमेबाजी की रूपरेखा को सरल और प्रभावी बनाया गया है। इस अवसर पर संरक्षक डीएन अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एच उपाध्याय, राजकुमार राजपाल, मोहित अग्रवाल, मनोज कौशिक, कृष्णा सिलस्वाल, महेश नारायण पांडेय आदि उपस्थित रहे।