पशुलोक विस्थापित गली नंबर-10 स्थित इंटास फाउंडेशन पिछले दो वर्षों से अपना घर में कैंसर मरीजों का दुख-दर्द दूर करने में जुटी है।
अपना घर में फाउंडेशन की ओर से हीमोफीलिया के मरीजों की भी सेवा की जा रही है। यहां कैंसर और हीमोफीलिया के मरीजों के रहने व खाने आदि की निशुल्क व्यवस्था है। फाउंडेशन की ओर से मरीजों को एम्स अस्पताल तक आने-जाने के लिए वाहनों की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। अब तक एक हजार से अधिक मरीज सेवा का लाभ ले चुके हैं।
प्रोजेक्ट एसोसिएट विनय कुमार ने बताया कि फाउंडेशन की ओर से अक्तूबर 2023 में अपना घर के तहत एक योजना चलाई गई। यह योजना जम्मू, केरल, अरुणाचल प्रदेश से लेकर गुजरात तक संचालित हो रही है। वर्तमान समय में 43 शहरों में योजना संचालित हो रही है।
उत्तराखंड में उनकी दूसरी शाखा देहरादून में है। फाउंडेशन का उद्देश्य कैंसर मरीजों की सेवा करना है। अपना घर में कैंसर मरीजों की सफाई और पोषक आहार का ध्यान रखा जाता है। मरीजों के मानसिक तनाव को दूर करने के लिए काउंसलर सौम्या तोमर की मदद से विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाती है। विभिन्न संगठनों से भी समन्वय स्थापित कर मरीजों के तनाव को दूर करने का प्रयास किया जाता है।
अपना घर में एक मरीज के साथ दो तीमारदारों के रहने की व्यवस्था है। टीम में उनके साथ हीमोफीलिया के काउंसलर अजय यादव भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस पर एम्स में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।