आईएसबीटी स्थित एक होटल में बैठक करते उत्तराखंड बस ऑपरेटर महासंघ के सदस्य।
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ऋषिकेश। उत्तराखंड बस ऑपरेटर्स महासंघ के बैनर तले गढ़वाल और कुमाऊं के बस ऑपरेटर्स कंपनियों के प्रतिनिधियों ने आईएसबीटी स्थित एक होटल में बैठक की। बैठक में हिमाचल की तर्ज पर बसों का किराया बढ़ाने को लेकर सहमति बनीं। बस ऑपरेटर्स कहना है यदि प्रदेश सरकार ने किराया नहीं बढ़ाया तो वह स्वयं बसों का किराया बढ़ा देंगे।
बस ऑपरेटर्स को संबोधित करते उत्तराखंड बस ऑपरेटर्स महासंघ के अध्यक्ष मनोज ध्यानी ने कहा कि 18 फरवरी 2020 को को जब राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) ने बसों का किराया बढ़ाया था, तब डीजल 63.00 रुपये प्रति लीटर था, आज डीजल 99 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वर्तमान में पुराने किराया पर वाहनों का संचालन हो रहा है। बस ऑपरेटर्स को बसों का संचालन करने से नुकसान हो रहा है। 23 दिसंबर को देहरादून में हुई एसटीए की बैठक में किराया वृद्धि को लेकर कोई निर्णय नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में जो किराया वृद्धि की गई है वह 2.19 रुपये प्रति किलोमीटर है। केएमओयू रामनगर के अध्यक्ष सुरेश डसीला ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार की ओर से बसों का किराया नहीं बढ़ाया जाता है तो विरोध में बस चालक अपनी बसों को शहर के प्रवेश द्वारों पर खड़ा कर देंगे। यदि प्रदेश सरकार ने 10 दिन के अंदर किराया वृद्धि करने का आदेश जारी नहीं किया तो गढ़वाल और कुमाऊं के ट्रांसपोर्टर स्वयं ही हिमाचल की तर्ज पर किराया बढा देंगे। टीजीएमओ लिमिटेड के अध्यथ जितेंद्र नेगी ने कहा कोविड काल में बस ऑपरेटर्स ने सरकार का साथ दिया, लेकिन सरकार बस ऑपरेटर्स के हित में फैसला लेने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जरुरत पड़ी को बसों के किराए वृद्धि करने की मांग को लेकर बस आपरेटर्स हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। बैठक में रुपकुंड पर्यटन विकास समिति के अध्यक्ष भोपाल सिंह, रामनगर यूर्जस लिमिटेड के अध्यक्ष विरेंद्र गुसाईं, विनोद भट्ट सदस्य गढ़वाल मंडल बहुद्देशीय समिति पौड़ी, नरेंद्र राणा, योगेश उनियाल, नवीन रमोला, यशपाल राणा, प्रेमपाल बिष्ट आदि उपस्थित थे।