तीन महीने से वेतन न मिलने समेत अन्य समस्याओं के समाधान के लिए कार्य बहिष्कार कर रहे पर्यावरण मित्र निकाय प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद काम पर लौट आए हैं। इससे नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक प्रशासन को बड़ी राहत मिली है।
बृहस्पतिवार को पर्यावरण मित्रों ने नगर पंचायत कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान निकाय सभासदों ने भी उन्हें समर्थन दिया। पर्यावरण मित्रों ने 27 मई को भी धरना प्रदर्शन किया था। उन्होंने 28 मई 2026 से कार्य बहिष्कार करने का ऐलान किया था।
धरने के कारण लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम जौंक में सफाई व्यवस्था बुरी तरह बिगड़ गई। मौके पर पहुंचे अधिशासी अधिकारी दीपक शर्मा ने स्थिति संभाली। उन्होंने सभासदों के साथ मिलकर कर्मचारियों को लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद सभी पर्यावरण मित्र काम पर वापस आ गए। सभासद जितेंद्र धाकड़, रेणुका भंडारी, सुरुचि अवस्थी और पूर्व सभासद नवीन राणा सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
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प्रमुख मांगें
- मार्च, अप्रैल और मई का वेतन भुगतान, फरवरी माह से पीएफ का भुगतान न होने, उत्तरकाशी और नगर निगम देहरादून की तर्ज पर 800 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय, धुलाई भत्ता देने, महिला कर्मचारियों को भी पुरुष कर्मचारियों की भांति काम पर रखने, छुट्टी के दिन ड्यूटी के समय ओवरटाइम, सफाई नायक को भी चालकों की भांति वेतन बढ़ाने आदि
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कोट
पर्यावरण मित्रों की नौ मांगें थीं। छह मांगों का निकाय स्तर से समाधान करने का आश्वासन दिया गया है। बोर्ड बैठक में इसका समाधान किया जाएगा। पर्यावरण मित्रों की तीन मांगों का समाधान शासन स्तर से होगा। - दीपक शर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक