उप जिला चिकित्सालय के बाद अब नगर क्षेत्र में संचालित मेडिकल स्टोरों में भी एंटी रेबीज वैक्सीन का संकट देखने को मिल रहा है। एंटी रेबीज वैक्सीन की सप्लाई कम होने से मेडिकल स्टोर संचालक भी परेशान हो रहे हैं। सरकारी अस्पताल में एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगाने आ रहे मरीजों को आपस में 100-100 रुपये एकत्रित करके वैक्सीन खरीदनी पड़ रही है।
उप जिला चिकित्सालय में करीब 20 दिनों से एंटी रेबीज वैक्सीन की किल्लत चल रही है। अस्पताल में रोजाना 40 से 50 मरीज कुत्ते, बिल्ली, बंदर, चूहा आदि के काटने के आ रहे हैं। अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं होने पर मरीज और तीमारदार आपस में 100-100 रुपये एकत्रित करके मेडिकल स्टोरों से वैक्सीन खरीद रहे हैं।
मनसा देवी निवासी मीनाक्षी, श्यामपुर निवासी दिपांशी, चंद्रभागा निवासी नवाबुद्दीन और मायाकुंड निवासी पूजा ने बताया कि अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं होने पर उन्होंने आपस में पैसा एकत्रित कर इंजेक्शन लगाया है। एक वाइल में चार डोज होते हैं। मेडिकल स्टोर में उस वाइल की कीमत करीब 390 रुपये है।
चार लोग आपस में 100-100 रुपये मिलाकर एक वाइल खरीद रहे हैं, फिर उस वाइल से अस्पताल के वैक्सीन रूम में नर्सिंग अधिकारी से इंजेक्शन लगवा रहे हैं। प्रदेशभर में एंटी रेबीज वैक्सीन की सप्लाई कम होने से अब नगर क्षेत्र में संचालित मेडिकल स्टोरों में भी इसकी किल्लत होनी शुरू हो गई है।
केमिस्ट एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष गोपाल नारंग ने बताया कि वर्तमान समय में एंटी रेबीज वैक्सीन की किल्लत चल रही है। कंपनी से ही समस्या चल रही है। मेडिकल स्टोरों में भी वैक्सीन की समस्या आ रही है। सीमित कंपनी के माल आ रहे हैं।
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कोट
- प्रदेशभर में एंटी रेबीज वैक्सीन की सप्लाई कम हो रही है, जिससे ऐसी परेशानी हो रही है। सप्लाई जैसे ही दुरुस्त होगी, वैसे ही समस्या का समाधान होगा। - डॉ. मनोज शर्मा, सीएमओ