ऊर्जा निगम और वन विभाग के बीच सामंजस्य का अभाव होने के कारण शहर की बिजली गुल हो रही है। हाईटेंशन लाइन के किनारे पेड़ काटने के लिए ऊर्जा निगम कई बार डीएफओ देहरादून को प्रस्ताव भेज चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
आंधी आने और बारिश होने पर शहर की बिजली कई घंटों के लिए गुल हो जाती है। बारिश या फिर आंधी आने पर बाईपास मार्ग और शहर के आंतरिक भागों में पेड़ टूटकर हाईटेंशन लाइनों के ऊपर गिर जाते हैं, जिससे बिजली के पोल और तारों को नुकसान हो जाता है। नए पोल और तार लगाने में चार से पांच घंटे का समय लग जाता है।
वीरभद्र से भट्टोंवाला, बाईपास मार्ग, नटराज और शहर के आंतरिक हिस्सों में करीब 110 पेड़ों को ऊर्जा निगम चिह्नित कर चुका है। एक साल पहले ऊर्जा निगम ने प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून के कार्यालय में पत्र भेजकर पेड़ों को काटने की मांग की थी। लेकिन डीएफओ कार्यालय से कोई जवाब नहीं आया। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होने वाली बैठकों में भी मुद्दा उठाया जा चुका है। लेकिन वन विभाग कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है।
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Iवीरभद्र से भट्टोंवाला, बाईपास मार्ग और शहर के आंतरिक भागों में हाईटेंशन लाइन से जो पेड़ सटे हुए हैं। वह बारिश और आंधी आने के कारण कई बिजली के लाइनाें के ऊपर गिर जाते हैं, जिससे बिजली की लाइन और पोल को क्षति पहुंचती है। शहर की बिजली चार-पांच घंटे गुल हो जाती है। पेड़ों को काटने और बरसात में लाइनों के आसपास वनीकरण न करने के लिए डीएफओ देहरादून को कई पत्र भेजे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। - शक्ति प्रसाद, अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम ऋषिकेशI