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गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी

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लक्ष्मणझूला रोड स्थित कैलाश गेट चैक पोस्ट पर बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों की चेकिंग करती ? - फोटो : RISHIKESH
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ऋषिकेश। गुरु पूर्णिमा पर्व पर श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। सुबह से ही गंगा घाट श्रद्धालुओं से पैक हो गए। गंगा घाटों और तटों पर श्रद्धालुओं ने दीपदान, अन्नदान किया। गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं ने साधु संतों और फक्कड़ बाबाओं को भोजन कराया।
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शनिवार को सुबह चार बजे से ही लोग गंगा घाटों पर उमड़ पड़े। त्रिवेणीघाट, लक्ष्मणझूला के संतसेवा घाट, किरमोलाघाट, स्वर्गाश्रम के नावघाट, लक्ष्मीनारायण घाट, गीताभवन घाट, परमार्थ निकेतन घाट, वानप्रस्थघाट, तपोवन के सच्चा धाम घाट, मुनिकीरेती शत्रुघ्नघाट, पूर्णानंद घाट, स्वामीनारायण घाट और त्रिवेणीघाट पर श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। लोगों ने उपवास और पूजा अर्चना कर गंगा घाटों पर बैठे फक्कड़ बाबाओं को श्रद्धानुसार, अन्न, धन आदि दान दिया। इस मौके पर कई लोगों ने अपने गुरु की पूजा अर्चना कर गुरु का आशीर्वाद लिया। गंगा घाटों पर दोपहर दो बजे तक लोगों की भीड़ देखने को मिली। लोगों ने गंगा में दीपदान कर मां गंगा से अपने परिवार की सुख समृद्धि एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इस दौरान गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जल पुलिस की तैनाती रही।
गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु...., मंत्रोच्चारण से गूंजायमान हुई तीर्थनगरी
ऋषिकेश। गुरु पूर्णिमा पर्व पर तीर्थनगरी के आश्रम और मठ मंदिर गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु..., मंत्रोच्चारण से गूंजायमान हुई। लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, मुनिकीरेती और ऋषिकेश में संचालित आश्रमाध्यक्षों ने विधिविधान के साथ अपने गुरुओं की विधिविधान के साथ पूजा अर्चना की। इस मौके पर आश्रमों में भंडारे का भी आयोजन किया गया। जिसमें शिष्यों ने प्रसाद ग्रहण कर गुरुओं का आशीर्वाद लिया।
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शनिवार को जयराम आश्रम में गुरु पूर्णिमा पर्व पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। आश्रम परिसर में पीठाधीश्वर ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी ने विधि विधान के साथ अपने गुरुजनों की पूजा अर्चना की। पीठाधीश्वर ने कहा कि आश्रम सात पीढियों से सेवा करता आ रहा है। कहा गुरु मानव जीवन का सामाधन है। जिसके भी जीवन में कोई उलझन हो तो उसे गुरु की शरण में जाना चाहिए। अहंकार का परित्याग करके शरणागत होना चाहिए। मन के मैल को धोकर जीवन को श्रेष्ठता प्रदान करेगा। इस मौके पर आचार्य मायाराम रतूड़ी, बीएम बडोनी, प्रदीप शर्मा, मनीष नौगाई, विनोद अग्रवाल, अशोक शर्मा, शिव सहगल, बच्चन पोखरियाल, मोहनलाल शर्मा, गंगाराम अडवाणी, अशोक अग्रवाल, नवीन शर्मा आदि थे।
परमार्थ निकेतन आश्रम में स्वामी असंगानंद सरस्वती और स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने संयुक्तरूप से गुरुओं की पूजा अर्चना की। परमाध्यक्ष ने कहा कि गुरुपूर्णिमा, जीवन में गुरुअवतरण और गुरु सत्ता के अवतरण का पावन पर्व है। सनातन काल से लेकर अब तक गुरु पंरपरा के अंतर्गत आने वाली सभी दिव्य विभूतियों और गुरुजनों को कोटि-कोटि नमन। कहा गुरुपूर्णिमा अर्थात पूर्ण-माँ, ‘माँ’ बच्चे का विकास करती है और ‘गुरु’ जीवन में प्रकाश पैदा करते हैं। प्रतिवर्ष गुरूपूर्णिमा पर्व हमें याद दिलाता है कि जीवन में जो अंधकार है उसे गुुरु रूपी ज्योति दिव्य प्रकाश से प्रकाशित करती है। जीवन तो विकास से प्रकाश, विषाद से प्रसाद और संशय से श्रद्धा की दिव्य यात्रा है। जब शिष्य का संपूर्ण सर्मपण होता है तब गुरु की कृपा का अवतरण होता है।
गुरुओं को अंगवस्त्र और तुलसी का पौधा भेंट किया
ऋषिकेश। उधर अखिल भारतीय अनुषांगिक संगठन, नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन (एनएमओ) की ओर से शनिवार को गुरु पूर्णिमा पर्व पर एम्स ऋषिकेश में कार्यक्रम आयोजित किया गया। एम्स निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने संगठन में कार्य कर रहे छात्र-छात्राओं को गुरु पूर्णिमा पर्व पर आशीर्वाद दिया। एनएमओ, उत्तराखंड के प्रदेश सचिव डॉ. विनोद ने बताया कि हर वर्ष संगठन की ओर से प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में गुरु पूर्णिमा पर्व पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम में उन्होंने सभी गुरुओं को अंगवस्त्र ओढ़ाकर तथा तुलसी व अन्य पौधे भेंटकर सम्मानित किया।
इस मौके पर डॉ. मीनाक्षीधर, प्रोफेसर मनोज गुप्ता, प्रो. हिमांशु ऐरन, प्रो. विनय कुमार बस्तिया, डॉ. नवनीत मग्गो, डॉ. पंकज शर्मा, डॉ. अनुभा अग्रवाल, डॉ. पूजा भदौरिया, डॉ. रविराज, डा. अजयपाल, पीयूष, सिद्धांत आदि शामिल थे। वहीं मायाकुंड स्थित तारा माता मंदिर में गुरु पूर्णिमा पर गोदावरी गिरी महाराज की समाधि पर पूजा अर्चना और हवन किया गया। आश्रम महंत संध्या गिरी महाराज ने शिष्यों को आशीर्वाद दिया। उसके बाद आश्रम में भंडारा कर प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर खुशी गिरी महाराज, गंभीर मेवाड़, डीएस गुसाईं, अशोक कर्णपाल, विद्यानंद गिरी, वेद प्रकाश शर्मा, संजय शास्त्री, विक्रम सिंह भंडारी, राजीव चौधरी, मुकुल शर्मा, केके बिजलवाण, दिनेश रतूड़ी, मंगल आनंद कुकरेती आदि शामिल थे।
गुरु के बिना जीवन की सार्थकता नहीं- विस अध्यक्ष
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर इंटर कॉलेजों और महाविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राचार्यों को सम्मानित किया। विस अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व है। गुरु के बिना जीवन की सार्थकता नहीं है। भारत में गुरु शिष्य परंपरा के अनेक उदाहरण है। इस दिन गुरुओं से आशीर्वाद प्राप्त कर दान देने की भी परंपरा है। पीजी कॉलेज ऋषिकेश के पूर्व प्राचार्य डॉ. एनपी माहेश्वरी, डॉ.जेसी मिश्रा, डॉ पीएस मखलोगा, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. विजय लक्ष्मी, डॉ. एनसी त्रिवेदी, जीएस बिष्ट, भरत मंदिर इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य डीबीपीएस रावत, पूर्व प्रधानाचार्य आईडी जोशी, डीडी तिवारी, रघुवंश कुमार, गोविंद बिष्ट, शकुंतला जोशी को पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानित किया। शिक्षकों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मास्क एवं सैनिटाइजर भी वितरित किए।

परमार्थ निकेतन पर गुरू पूर्णिमा पर गुरु पूजा करते स्वामी चिदानंद सरस्वती और स्वामी असंगानन्द स?- फोटो : RISHIKESH

त्रिवेणी घाट पर गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गंगा में स्नान करते श्रद्धालु।- फोटो : RISHIKESH

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