तीन राजस्व गांवों की आवासीय और कृषि भूमि का ब्यौरा अब महज एक क्लिक दबाते ही मिल सकेगा। सीएलआर योजना में कंप्यूटरीकरण से छूटे राजस्व ग्राम और गैर जमींदारी विनाश खतौनियों को कंप्यूटरीकृत करने की कवायद शुरू हो गई है। इनमें ऋषिकेश ग्राम सभा, खदरी खड़कमाफ और गडूल गांव शामिल हैं।
अभी तक राजस्व ग्रामों के भूमि खातेदारों का ब्यौरा बंदोबस्त विभाग के अभिलेखों में दर्ज है। कई अभिलेखों के कागज कट फट चुके हैं। इन्हें किसी तरह संभालकर रखा गया है। लिहाजा अभिलेेखों में दर्ज ब्यौरों को कंप्यूूटरीकृत किया जा रहा है।
रजिस्ट्रार कानूनगो आरके शर्मा ने बताया कि ऋषिकेश तहसील से जुड़े खदरीखड़क माफ, ऋषिकेश ग्रामसभा और गडूल के खातेदारों की भूमि को कंप्यूटरीकृत करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। बंदोबस्त विभाग के पुराने अभिलेखों से प्रत्येक खातेदार का नाम, खतौनी संख्या और भूमि का प्रकार कंप्यूटर में अपलोड किया जाएगा।
इस कार्य को 31 मार्च 2016 तक पूरा करने का निर्देश है। प्रतिदिन की प्रगति आख्या से सहायक भूलेख अधिकारी को अवगत कराया जाएगा।
पारदर्शी व्यवस्था होगी
अभिलेख क्रियाओं के अधीन ग्रामों के कंप्यूटरीकरण होने से भूमि संबंधी मामलों में पारदर्शिता आएगी। कंप्यूटरीकृत कार्य को देख रहे बंदोबस्त सर्वे लेखपाल एमसीएस बिष्ट ने बताया कि खातेदारों की भूमि का ब्यौरा कंप्यूटर में दर्ज होने के बाद आसानी से फर्द मिल जाएगी। इस व्यवस्था से किस खातेदार की कितनी भूमि है, इसकी जानकारी भी मिलेगी। भूमि संबंधी फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेगी।