देहरादून के रायवाला में 65 वर्षीय खजानी देवी की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या में शामिल बेटी शिल्पा थापा और उसके प्रेमी शिव नारायण पांडे उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पुश्तैनी जमीन में हिस्सा न मिलने को लेकर शिल्पा का अपनी मां और भाई से विवाद था। इसी वजह से उसने मां को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
21 सितंबर को खजानी देवी अपने घर से लापता थीं। उनके घर के गेट पर बाहर से ताला लगा था। रात करीब 10:30 बजे परिजनों ने ताला तोड़कर अंदर देखा तो वह बाथरूम में मृत मिलीं। मामले में 22 सितंबर को रायवाला थाने में हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने जांच के लिए छह टीमें गठित कीं। एफएसएल और फील्ड यूनिट की मदद से साक्ष्य जुटाए गए। आसपास के सीसीटीवी कैमरों और सर्विलांस की जांच की गई। जांच में शिल्पा का पुश्तैनी जमीन को लेकर मां से विवाद और उसके परिचित शिव नारायण की घटना से पहले आसपास मौजूदगी सामने आई।
फोन बंद कर फरार हो गया था प्रेमी
शिव नारायण घटना के बाद अपना फोन बंद कर फरार हो गया था। पुलिस ने करीब 500 होटल-धर्मशालाओं और बस अड्डों व रेलवे स्टेशनों समेत करीब 700 सीसीटीवी कैमरे खंगाले। मुखबिर की सूचना पर उसे 25 सितंबर को हरिद्वार के शांति कुंज आश्रम से गिरफ्तार किया गया।
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पुलिस के अनुसार, पूछताछ में शिव नारायण ने शिल्पा के कहने पर हत्या करने की बात स्वीकार की। इसके बाद 26 सितंबर को शिल्पा को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, शिल्पा ने शिव नारायण को खजानी देवी के उसकी सौतेली मां होने की गलत जानकारी दी थी। उसने मां की मौत के बाद जमीन में हिस्सा मिलने और उसे बेचकर साथ गृहस्थी बसाने का लालच दिया था। योजना के तहत शिव नारायण 21 सितंबर को घर पहुंचा और मौका देखकर खजानी देवी का गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद घर में ताला लगाकर फरार हो गया।