जिले में बृस्पतिवार को हुई झमाझम बारिश से गेहूं, सरसों, आलू, प्याज और बागवानी की फसलों को संजीवनी मिली है। बारिश से फसलों की पैदावार और किसानों की आमदानी में वृद्धि होगी। किसानों के सामने पीला रतुआ और करनाल बंट रोग से फसलों को बचाने की चुनौती।
डोईवाला सहायक कृषि अधिकारी इंदु गोदियाल के मुताबिक रिमझिम बारिश से गेहूं और सरसों की फसल को लाभ मिलेगा। रिमझिम बारिश से गेहूं और सरसों की फसल की पैदावार बढ़ेगी। हालांकि, उन्होंने ज्यादा बारिश के बाद फसलों में होने वाले पीला रतुआ और करनाल बंट बीमारी से फसल को बचाने की बात कही। गेहूं की पत्तियां पीली और बाली के दानें काले पड़ने लगे, तो दवाई का छिड़काव करने का सुझाव दिया। वहीं, उद्यान विभाग की सहायक विकास अधिकारी निधि थपलियाल ने आलू, प्याज और बागवानी के लिए बारिश को अमृत बताया। कहा बारिश होने से पाला नहीं पड़ेगा। जिससे पाले से होने वाले फसल के नुकसान से किसानों को छुटकारा मिलेगा। पैदावार में वृद्धि होगी।
रिमझिम बारिश से गेहूं की फसल को काफी लाभ मिलेगा। गेहूं की फसल में अब पानी छोड़ने की जरूरत नही पड़ेगी। बारिश होने से किसानों के सिंचाई पर खर्च होने वाले पैसे भी बच गए हैं।
महादेव गौड़, किसान
गेहूं की फसलों को पानी देने के समय पर बारिश होना काफी लाभदायक होगा। इस बारिश को फसलों के लिए अमृत कहना गलत नहीं होगा। बारिश के बाद पाला नहीं पड़ेगा।
देवेंद्र सिंह नेगी, किसान
इस बारिश से गेहूं के साथ ही आम, लीची की फसलों को भी फायदा मिलेगा। फलों के पेड़ों से फल गिरने की समस्या में कमी आएगी। फरवरी में एक बारिश जरूरी भी थी।
भगवती प्रसाद सेमवाल, किसान