- दुर्घटना के बाद न मरम्मत हुई, न मिली नई एंबुलेंस, बंद पड़ी एयरो मेडिकल सेवा
- डेढ़ साल से केदारनाथ में पड़ी है एम्स की हेली एंबुलेंस सेवा
ऋषिकेश। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों के मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए शुरू की गई एम्स की हेली एंबुलेंस सेवा डेढ़ साल से बंद पड़ी है। 17 मई 2025 को केदारनाथ में दुर्घटनाग्रस्त हुई हेली एंबुलेंस अब तक मरम्मत के लिए नहीं हटाई गई और उसके स्थान पर नई एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं कराई गई। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को मिलने वाली एयरो मेडिकल सुविधा प्रभावित हो रही है।
हेली एंबुलेंस सेवा विशेष रूप से उत्तरकाशी और चमोली की गर्भवती महिलाओं के लिए उपयोगी साबित हुई थी। दुर्घटना के बाद सेवा बंद होने से गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था प्रभावित हुई है।
अनुबंध के अनुसार हेली एंबुलेंस के खराब या दुर्घटनाग्रस्त होने की स्थिति में संबंधित एजेंसी को तीन दिन के भीतर एम्स को नई एंबुलेंस उपलब्ध करानी थी, लेकिन तय अवधि के बावजूद सेवा बहाल नहीं हो सकी। एम्स की ओर से सेना के सहयोग से एयरो मेडिकल सेवा दोबारा शुरू करने की बात कही गई थी, लेकिन इस दिशा में भी अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।
घोषणा के दो साल बाद हुई थी शुरू, सात माह भी नहीं चली
एम्स की हेली एंबुलेंस सेवा घोषणा के दो साल बाद शुरू हो पाई थी। 20 सितंबर 2022 को तत्कालीन नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में हेली एंबुलेंस सेवा शुरू किए जाने की घोषणा की थी। 29 अक्तूबर 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सेवा का वर्चुअल उद्घाटन किया था लेकिन सात माह बाद हेली एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
- आवश्यकता पड़ने पर स्टेट के सहयोग से हेली उपलब्ध होता है। सामान्य हेली में एम्स की टीम मौजूद रहती है। लगभग हर दिन हेली से एम्स में मरीज पहुंच रहे हैं। डॉ. श्रीलॉय मोहंती, पीआरओ, एम्स।