16 नीलकंठ पैदल मार्ग से नीलकंठ धाम के लिए जाते शिवभक्त।
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कोरोनाकाल में पहली बार नीलकंठ धाम में सन्नाटा टूट गया है। मंदिर में रिकॉर्ड 2.50 लाख शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। मंगलवार रात एक बजे से ही नीलकंठ में जलाभिषेक के लिए शिवभक्तों की लंबी लाइन लग गई। देर शाम तक मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं को तांता लगा रहा।
मंगलवार को नीलकंठ पैदल मार्ग और लक्ष्मणझूला-नीलकंठ मोटर मार्ग पर शिवभक्तों सैलाब उमड़ पड़ा। पैदल और मोटर मार्ग दिनभर भगवान शिव के जयकारों से गुंजायमान रहा। नीलकंठ पैदल मार्ग पर मंदिर से करीब डेढ़ किमी पहले भैरव मंदिर से शिवभक्तों की लंबी लाइन लग गई। देर रात से ही शिवधाम शंख, घंटी की ध्वनि और ऊं नम: शिवाय के मंत्रोच्चारण शुरू हो गए थे। करीब दो साल बाद महाशिवरात्रि पर्व पर नीलकंठ धाम में शिवभक्तों की भारी भीड़ जुटी।
नीलकंठ धाम के पुजारी शिवानंद गिरी ने बताया कि इस बार धाम में शिवभक्तों का रिकॉर्ड टूट गया है। यह पहली बार हुआ है जब महाशिवरात्रि पर्व पर नीलकंठ धाम में शिवभक्तों की इतनी भीड़ बढ़ी है। कोरोनाकाल के कारण बीते दो महाशिवरात्रि पर्व पर धाम में सन्नाटा छाया रहा। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा में भी शिवभक्तों ने नीलकंठ धाम में जलाभिषेक नहीं किया। धाम में अभी भी जलाभिषेक का सिलसिला जारी है।