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शासन स्तर पर साझा किए जाएंगे शोधपत्र

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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
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राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के अंतिम दिन कुल 400 शोधार्थियों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए। इस मौके पर उच्च शिक्षा में गुणवत्ता संवर्धन के लिए शोधार्थियों की ओर से प्रस्तुत किए गए निष्कर्षों को शासन स्तर पर साझा करने की बात कही।
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राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बुधवार को राष्ट्रीय मूल्यांकन व प्रत्यायन परिषद (नैक) की ओर से दो दिवसीय राष्ट्रीय हॉलिस्टिक अप्रोच टूवर्ड्स क्वालिटी इनहांसमेंट इन हायर एजुकेशन सम्मेलन में उच्च शिक्षा के गुणवत्ता संवर्धन विषय पर शोध प्रस्तुत किए गए। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एनपी माहेश्वरी ने बताया कि देशभर से करीब 400 शोधार्थियों ने शोध प्रस्तुत किए हैं। शोध का विषय उच्च शिक्षा में गुणवत्ता का संवर्धन है। शोधार्थियों की ओर से प्रस्तुत निष्कर्ष शासन स्तर पर साझा किए जाएंगे। यूएसईआरसी के निदेशक दुर्गेश पंत ने बताया कि शिक्षा में तकनीक का प्रयोग करना बहुत आवश्यक है। साथ ही उसके नकारात्मक पहलुओं जैसे डेटा सुरक्षा व साइबर क्राइम के क्षेत्र में जागरूक होना जरूरी है। डॉ. अतुल बमराड़ा ने शोध एग्जामिनिंग द स्टेटस ऑफ आईसीटी यूजेस इन टीचिंग लर्निंग प्रोसेस पर शोधपत्र प्रस्तुत किया। टीएचडीसी के जनरल मैनेजर शैलेंद्र सिंह ने नैगमिक सामाजिक उत्तरदायित्व विषय पर विचार व्यक्त किए। सम्मेलन में छात्रों व शिक्षकों को तकनीकी व शैक्षिक सहयोग के लिए यूएसईआरसी व राजकीय महाविद्यालय के बीच एमओयू भी हुआ। इस अवसर पर संयोजिका डॉ. सुमित्रा श्रीवास्तव, डॉ. श्रुति बिष्ट, डॉ. अंजू भट्ट, डॉ. दयाधर दीक्षित, डॉ. अशोक अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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