ब्यूरो /अमर उजाला, मुनिकीरेती । तीर्थनगरी में एक मार्च शुरू होने जा रहे अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में ज्यादा देर तक योग मुद्रा में बने रहने का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज करवाया जाएगा। इसके लिए योग साधकों को तीन योगासनों में विशेष तौर पर अपनी सिद्घि प्रदर्शित करनी होगी। गढ़वाल मंडल विकास निगम गंगा रिसोर्ट के मैनेजर विरेंद्र राणा ने बताया कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी एक मार्च से सात मार्च तक अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
इस बार विशेष तौर पर ज्यादा देर तक योग मुद्रा में बने रहने का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड बनाने की जद्दोजहद होगी। इसके लिए तीन योगासनों का चयन किया गया है। इसमें राजकपोतासन, सेतुबंधासन और वीरभद्रासन को चुना गया है। इन्हीं तीन योगासनों पर साधकों को अपनी सिद्घि प्रदर्शित करनी होगी। जो भी योग साधक ज्यादा देर तक उपरोक्त तीनों में से किसी एक पर टिका रहेगा उसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज करवाने का दावा पेश किया जाएगा।
करीब तीन सौ साधकों का होगा जमावड़ा
विरेंद्र राणा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में इस बार देश-विदेश से करीब तीन सौ योग साधकों के प्रतिभाग करने की उम्मीद है। योग महोत्सव को लेकर पंजीकरण का काम शुरू हो गया है। अब तक कुल 60 विदेशी योग साधकों का ऑनलाइन पंजीकरण हो चुका है। विदेशी योग साधकों का पंजीकरण शुल्क 30 डॉलर प्रति दिन और 200 डॉलर सात दिन का निर्धारित किया गया है। स्वदेशी छात्रों के लिए सात दिन का 500 रुपये और योग साधकों के लिए सात दिन का पंजीकरण शुल्क एक हजार रुपये तय किया गया है। इस सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग फेस्टिवल के लिए पर्यटन विभाग की तैयारियां जोरों पर हैं।