डोईवाला। स्वामीराम हिमालयन यूनिवर्सिटी (एसआरएचयू) जौलीग्रांट में छात्र-छात्राओं के लिए दो चरणों में चार दिवसीय डिग्री अवार्ड सम्मान समारोह के पहले चरण में 495 छात्र-छात्राओं को डिग्री और अवार्ड प्रदान किए गए। डिग्री पाने वाले वालों में इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, पैरामेडिकल, बॉयोसांइस, योगा सांइस, एमएचए और एमएससी के छात्र-छात्राएं रहे।
एसआरएचयू जौलीग्रांट के कुलपति डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि कोविड के कारण विश्वविद्यालय के दो सालों से दीक्षांत समारोह आयोजित नहीं कर कर पाया। दीक्षांत समारोह छात्र जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए हुए छात्र-छात्राओं की खुशी के लिए कोविड नियमों का पालन करते हुए विश्वविद्यालय दो चरणों में समारोह का आयोजन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के 869 विद्यार्थियों में से पहले दो दिनों में 495 को डिग्री प्रदान की गई है। कुलपति डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि भौतिक लक्ष्य के साथ वेद, वेदांत, आध्यात्म के द्वारा जीवन के सर्वोच्च लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। संस्थापक स्वामीराम ने यह संस्थान जिस विजन और मिशन के साथ शुरू किया था। हम उस पर खरे उतरने का प्रयास कर रहे हैं। कहा कि स्वामीराम का मिशन पहाड़ की सेवा को साकार करने में निरंतर आगे बढ़ रहा है। इस दौरान प्रति कुलपति डॉ. विजेन्द्र चौहान, कुलसचिव डॉ. सुशीला शर्मा, डॉ. प्रकाश कैशवय्या, डॉ. मुश्ताक अहमद, डॉ. अर्चना प्रकाश, डॉ. आलोकज सकलानी, डॉ. अनुराधा कुसुम, डॉ. संचिता पुगाजड़ी, डॉ. संजॉय गुप्ता, डीन डॉ. आरसी रमोला, डॉ. स्नेहलता झा और डॉ. सीमा मधोक आदि मौजूद थे।
कोरोना काल में शैक्षणिक गतिविधियां रही सामान्य
कुलपति डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि एसआरएचयू की प्राथमिकता छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य है। लेकिन उसके साथ उनके सुरक्षित भविष्य का भी ख्याल रखा गया है। कोविड काल में समय पर सुचारू रूप से उनकी कक्षाओं का संचालन किया गया और परीक्षा के बाद परिणाम जारी किया गया। अब विश्वविद्यालय में नई प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है।
इन्हें मिला विशेष अवार्ड
बेस्थ एथलीट अवार्ड- अश्मिता रावत बीटेक 2016 बैच
एकेडमिक अवार्ड- प्रज्ञा शर्मा बी. ऑप्ट्रोमेट्री- 2017 बैच
समारोह में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक
डिग्री और अवार्ड समारोह में भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिली। समारोह के आकर्षण को केंद्र छात्र-छात्राओं की वेशभूषा रही। सभी छात्र-छात्राएं भारतीय संस्कृति के परिधान में नजर आए।