ब्यूरो/अमर उजाला, रायवाला
प्रतीतनगर ग्राम प्रधान पर दुकानों के आवंटन में धांधली के आरोप लगे हैं। साथ ही वित्तीय अनियमितता की भी शिकायत की गई है। प्रतीतनगर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता नंद किशोर कंडवाल ने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सुचना में ये खुलासा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पंचायत की ओर से निर्मित दुकानों के आवंटन की पात्रता, दुकानदारों की संख्या और आवंटन प्रक्रिया में हेराफेरी हुई है। इस संबंध में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीडीओ) और पीएमओ कार्यालय को भी शिकायती पत्र भेजा गया है।
ग्राम पंचायत प्रतीतनगर की ओर से हाईवे किनारे निर्मित दुकानों को शासनादेश के मुताबिक गांव के शिक्षित बेरोजगार युवकों को आवंटित किया जाना था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि लॉटरी प्रक्रिया अपनाए बिना ही नियम विरुद्घ तरीके से तीन लोगों को दुकान आवंटित करने की साजिश हो रही है। इसके अलावा हाइवे के प्रभावित दुकानदारों की कुल संख्या 80 बताई गई है, जबकि पंचायत की ओर से 31 दुकानदारों को पात्र बताया गया है। इनमें से 24 लोगों को नोटिस जारी कर प्रत्येक से दो-दो लाख की राशि जमा करने को कहा गया है।
कोट्स
पचायंत स्तर पर दुकान निर्माण के लिए प्रस्ताव परित करने की प्रक्रिया गतिमान है। छह दुकानों का निर्माण किया जा चुका है। सूची में कुछ दुकानदारों को अपात्र मानते हुए हटाया गया है। 24 लोगों को पात्र मानते हुए लॉटरी प्रक्रिया के तहत दुकान आवंटन के लिए धनराशि जमा करने का नोटिस भेजा गया था। मात्र तीन लोगों ने ही दुकान लेने में इच्छा जाहिर की है। शेष दुकानों का आवंटन लाटरी प्रक्रिया के तहत अधिकारियों की उपस्थिति में होगा।
- शोभा रावत, ग्राम प्रधान, प्रतीतनगर