ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश
एम्स से निष्कासित कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के 10वें दिन भी धरना जारी रहा। इस दौरान निष्कासित कर्मचारियों ने कहा कि जब तक 70% का लाभ उत्तराखंड वासियों को नहीं मिलता तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। मगंलवार को एम्स के बाहर धरना स्थल पर मुख्य रूप से धरने में दीपक रयाल, मोनिका शर्मा, गोवर्धन बलूनी, राजेश कुमार बैठे। वक्ताओं ने कहां की एम्स प्रशासन की हठधर्मिता उनको स्वयं ले बैठेगी। अगर इस आंदोलन में बेरोजगार युवकों ने कोई गलत कदम उठाया, तो इसकी संपूर्ण जवाबदेही एम्स प्रशासन की होगी।
समर्थन देने वालों में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच, राज्य आंदोलनकारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तराखंड कांग्रेस पार्टी, अटल सेना उत्तराखंड बेरोजगार संघ यम्केश्वर विकास समिति, उत्तराखंड क्रांति दल, राइट टू हेल्थ संस्था, मैत्री संस्था, गढ़सेना मेयर नगर निगम शामिल रहे। इस मौके पर डीएस गुसांई, विक्रम भंडारी, गंभीर मेवाड़, वीर चौहान, रामेश्वरी चौहान, आशू डंगवाल, नवीन शर्मा, अरविंद कमला नेगी, कुसुम जोशी, पवन नेगी, शुभम चौहान ,प्रवीण मिश्रा, अवतार सिंह बिष्ट, संतोष सुंदरियाल, दिनेश चंद्र, कंचन आदि मौजूद रहे।