राजधानी देहरादून समेत राज्य के कई जिलों में मासूम सुरक्षित नहीं रह गए हैं। बच्चों की गुमशुदगी के लगातार बढ़ते मामले इशारा कर रहे हैं कि बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह यहां सक्रिय हैं।
दो महीने में दून के ही 16 थानों में तीस से अधिक बच्चों के अपहरण के मुकदमे दर्ज हुए। हालांकि, इनमें से 17 बरामद कर लिए गए लेकिन बाकी कहां हैं इसका जवाब पुलिस के पास भी नहीं। खुद डीआईजी अमित सिन्हा इस पर चिंता जता चुके हैं। एसटीएफ भी ऐसे मामलों की जांच में जुट गई है।
एसएसपी केवल खुराना ने भी पुलिस को जरूरी निर्देश दिए हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो शहर में बच्चों के गायब होने के मामले पिछले कुछ माह से अचानक बढ़ गए हैं। खास बात यह है कि गायब होने वाले बच्चों की उम्र दस से 15 साल के बीच है।
जौनसार, टिहरी और उत्तरकाशी से भी बच्चों के गायब होने की सूचनाएं
देहरादून के अलावा जौनसार, टिहरी और उत्तरकाशी से भी बच्चों के गायब होने की सूचनाएं मिल रही हैं। एसएसपी एसटीएफ डी सेंथिल अबूदेई कृष्ण एस बताते हैं कि फोर्स की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल ऐसे मामलों की जांच कर रही है। एसएसपी केवल खुराना का कहना है कि सभी थानों को ऐसे मामलों में मुकदमे दर्ज करने को कहा गया है।
डीआईजी गढ़वाल रेंज अमित सिन्हा कहते हैं कि यह गंभीर मामला है। बताया कि सभी सीओ को गुमशुदगी के मामले दर्ज करने और बच्चों की तलाश में व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में मुकदमे
सर्किल
अप्रैल, मई और जून डालनवाला सर्किल
12 सदर सर्किल
17 सिटी सर्किल
11