चार धाम यात्रा के तहत केदारनाथ धाम के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं को लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
केंद्रीय संस्कृति मंत्री चंद्रेश कुमारी कटोच ने कहा है कि उत्तराखंड में जलप्रलय से तबाह हुए केदारनाथ मंदिर के पुनरोद्धार में कम से कम तीन से चार वर्ष का समय लग सकता है।
कटोच ने कहा कि मंदिर को हुई क्षति का आकलन करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधिकारियों का दल जल्द ही उत्तराखंड का दौरा करेगा।
हालांकि यह टीम कुछ दिन पूर्व भी वहां गई थी लेकिन मौसम खराब के कारण वह मंदिर तक नहीं पहुंच पाई थी।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि मंदिर को पुराने स्वरूप में लाने के लिए पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग हर संभव कोशिश करेगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तबाही के बाद केदारनाथ मंदिर को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि मंदिर को कितना नुकसान हुआ है, इसका अंदाजा पुरातत्व विभाग के सर्वेक्षण के बाद ही लग पाएगा।
उन्होंने कहा कि चूंकि मंदिर 11वीं सदी का है और 18वीं सदी में उसके आगे के भाग का निर्माण किया गया था। इसलिए मंदिर के मौजूदा क्षतिग्रस्त स्वरूप को देखने के बाद ही सरकार आगे की कार्रवाई करेगी।
संस्कृति मंत्री ने कहा कि मंदिर की मरम्मत का कार्य शुरू करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को राशि मुहैया करा दी गई है।
कटोच ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी इसमें योगदान देगी और मंत्रालय इस प्रक्रिया में सार्वजनिक भागीदारी को भी प्रोत्साहित करेगा।
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के मंदिर निर्माण के प्रस्ताव पर कटोच ने कहा कि यह काम केंद्र और राज्य सरकार का है। मोदी को यदि मदद करनी है तो वे राहत कोष में दान देकर अपना सहयोग प्रदान कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि मंदिर के वास्तविक स्वरूप को बहाल करने के लिए सबसे बेहतर विशेषज्ञ सरकार के पास उपलब्ध हैं। लिहाजा इस काम को पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग पर छोड़ दिया जाना चाहिए।