नव विक्रमी संवत 2073 का आरंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा यानी नवरात्र के पहले दिन (आठ अप्रैल) से होगा। इस वर्ष का राजा शुक्र और मंत्री बुध है। सौम्य संवत्सर होने से इस साल अनुकूल वर्षा होने के साथ ही ज्योतिषियों ने फैशन के क्षेत्र में नए प्रचलन आने की बात कही है। साथ ही कहा है कि बुध के मंत्री होने से पेट्रोलियम वस्तुओं के भाव बढ़ेंगे।
चैत्र नवरात्र के पहले दिन जो वार होता है उसे वर्ष का राजा माना जाता है और बैसाखी के दिन जो वार होता है उसे वर्ष का मंत्री माना जाता है। इस हिसाब से साल का राजा शुक्र और मंत्री बुध है। उत्तराखंड विद्वत सभा के उपाध्यक्ष आचार्य भरत राम तिवारी के अनुसार सौम्य संवत्सर होने से देश में अनुकूल वर्षा होगी।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान आदि देशों में उपद्रव विस्फोट एवं अशांति फैलेगी। तिवारी के अनुसार अतिवृष्टि से बाढ़ आदि का प्रकोप पश्चिमी प्रदेशों में रहेगा। आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों में अचानक वृद्धि होगी।
प्रत्येक क्षेत्र में बढ़ेगा स्त्रियों का प्रभाव
डॉ. आचार्य सुशांत राज के अनुसार शुक्र राजा होने से फैशन आदि के क्षेत्र में नए प्रचलन आएंगे। आध्यात्मिक प्रवृत्तियां विकसित होंगी। प्रत्येक क्षेत्र में स्त्रियों का प्रभाव बढ़ेगा। पंडित ज्ञानेंद्र पांडे के अनुसार बुध मंत्री होने से पेट्रोलियम वस्तुओं के भाव तेज होंगे।
शनि की दृष्टि उत्तर दिशा की ओर रहेगी, इसके फलस्वरूप उत्तरी प्रांतों बिहार, दिल्ली, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक प्रकोप एवं पूर्वी राज्यों में सत्ता परिवर्तन की प्रबल संभावनाएं बनेंगी।
करें पूजन
नव संवत्सर के आगमर पर नव संवत का पूजन करना चाहिए। इसके साथ ही अन्न, वस्त्र, फल, धन आदि का दान करना शुभ माना जाता है। इस दिन घरों में दीपक जलाने चाहिए।