बुधवार को दोपहर बाद गोपेश्वर में तेज बारिश शुरू हुई। वहीं रुद्रप्रयाग में बादल छाए रहे। आज सुबह चमोली, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिले के कई इलाकों में राहत की बारिश हुई। रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के अधिकांश जंगलों की आग बुझने की खबर है। मयाली क्षेत्र में अभी भी हल्का धुंआ उठ रहा है।
इस बारिश से जहां तापमान में गिरावट दर्ज की गई, वहीं इस बारिश से जंगलों की आग से राहत मिली है। बुधवार सुबह नैनीताल में रिमझिम बारिश होती रही। चमोली स्थित वेदनी बुग्याल सहित ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश होने से करीब दो माह बाद आसमान में लगी धुंध साफ हुई है।
बारिश से बदरीनाथ धाम में मौसम सुहावना हो गया है। मंगलवार को बारिश होने से देहरादून के चकराता वन प्रभाग के कोरूवा बीट के जंगल में बीते आठ दिन से भड़की आग अब ठंडी पड़ने लगी है। जिससे वन विभाग ने राहत की सांस ली है।
धुंध छटी मौसम हुआ सुहावना
आग
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मंगलवार देर शाम हुई बारिश से जहां जंगलों में लगी आग काफी हद तक बुझ गई, वहीं लोगों को गर्मी और आग की धुंध से भी राहत मिली। दोपहर बाद केदारनाथ धाम में बारिश हुई। इस दौरान भैरवनाथ मंदिर सहित क्षेत्र की ऊंची पहाड़ियों पर हल्की बर्फबारी भी हुई।
इधर, गौरीकुंड और सोनप्रयाग में शाम साढ़े पांच बजे के बाद से हल्की बारिश हुई। रुद्रप्रयाग सहित गुप्तकाशी व ऊखीमठ में बादलों की गर्जना के साथ ठंडी हवा चली। चमोली जिले के जिला मुख्यालय सहित पीपलकोटी, जोशीमठ, पोखरी और घाट क्षेत्र में तेज हवा के साथ बारिश हुई। वहीं उत्तरकाशी जिले में हुई बारिश से तापमान 30 से 18 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।
बीते कुछ दिनों से जंगलों में लगी आग, इससे उठते धुएं और सूरज की तपिश से पारा तीस डिग्री के पार पहुंच रहा था। मंगलवार को दोपहर बाद विभिन्न हिस्सों में बारिश की हल्की बौछारें पड़ी। हालांकि बारिश से जंगलों में लगी आग बुझ गई है और वातावरण में छाई धुंध भी छंट गई है। वहीं, गंगोत्री-यमुनोत्री क्षेत्र में बौछारें पड़ने से ठंड का अहसास बढ़ गया है।