उत्तराखंड उर्जा निगम कर्मियों की मांगें पूरी न होने पर उत्तराखंड ऊर्जा कामगार संगठन ने आंदोलन की चेतावनी दी है। 20 जून से एक दिन का कार्य बहिष्कार कर आंदोलन की शुरूआत की जाएगी।
शुक्रवार को ईसी रोड स्थित कार्यालय पर संगठन की स्थाई समिति की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों की ज्यादातर मांग शासन स्तर पर लंबित हैं। निगम प्रबंधन और शासन की आपसी सहमति के बावजूद ऊर्जा निगम के कार्मिकों की समस्याएं हल नहीं हो रही है।
पहले स्थगित हो गया था आंदोलन
संगठन द्वारा द्विपक्षीय वार्ता के बाद मिले आश्वासन पर पूर्व में अपना आंदोलन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। प्रबंधन और शासन के रवैये से ऐसा लग रहा है कि निगम कार्मिकों को आंदोलन के लिए जानबूझकर मजबूर किया जा रहा है। बैठक में प्रमुख सरंक्षक एपी अमोली, प्रांतीय अध्यक्ष राकेश शर्मा, विजय बिष्ट, अशोक जोशी, सतीश शर्मा, दीपक बेनीवाल, बलवंत सिंह, नीलम बिंजोला आदि मौजूद रहे।
ये हैं प्रमुख मांगें
- स्टाफ स्ट्रक्चर पास किया जाए
- उत्तराखंड शासन के अधीनस्थ विभागों की तरह नॉन फंक्शनल ग्रेड वेतन को समाप्त किया जा जाए
- तीनों ऊर्जा निगमों में 30 सितंबर 2005 तक नियुक्त कार्मिकों को जीपीएफ स्कीम का लाभ शासन से अनुमन्य किया जाए
- ऊर्जा के तीनों निगमों में 2600 ग्रेड वेतन पाने वाले समस्त संवर्गों के कार्मिकों को ग्रेड वेतन 4200 स्वीकृत किया जाए
- जलविद्युत निगम के सहायक विधि अधिकारी का वेतनमान उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद की भांति 8550-13500 किया जाए।