उत्तराखंड में हुई राजनीतिक उथल-पुथल के बाद प्रवासी उत्तराखंडी भी बेहद प्रभावित हुए हैं। अब उन्हें लगने लगा है कि उनका हस्तक्षेप इस राज्य की राजनीति में आवश्यक है। यही वजह है कि प्रवासी उत्तराखंडियों ने मिलकर ‘हस्तक्षेप’ संगठन बनाने का मन बना लिया है। इस संबंध में पहली बैठक रविवार को प्रेस क्लब में रखी गई है।
मुंबई में रहने वाले पत्रकार केशर सिंह बिष्ट ने बताया कि उत्तराखंड में जिस तरह से राजनीतिक भूचाल आया है। उसके बाद लगने लगा है कि हम प्रवासी उत्तराखंडियों को एकजुट होना चाहिए।
बेहतरी को आगे आएंगे 60 % प्रवासी आगे
देश-विदेश में रहने वाले करीब 60 प्रतिशत प्रवासी जब एकजुटता से प्रदेश की राजनीति में हस्तक्षेप करेंगे तो इसका असर निश्चित तौर पर पड़ेगा और राज्य बेहतरी की ओर जाएगा।
बताया कि फिलहाल तो यह एक नॉन पॉलिटिकल संगठन होगा लेकिन आगे चलकर इसे पॉलिटिकल भी बनाया जा सकता है। बताया कि रविवार को होने वाली बैठक में दिल्ली से मुकेश खुगशाल और मयंक आर्य, चंडीगढ़ से निधि डंगवाल पहुंचेंगे। बैठक में उत्तराखंड के लोग भी होंगे।
बताया कि इस बैठक में जो निष्कर्ष निकलेगा, उसको लेकर फिर मई में मुंबई में बैठक की जाएगी और कार्ययोजना को विस्तार दिया जाएगा। बताया कि इस संगठन में देश-विदेश के सभी प्रवासियों को जोड़ा जाएगा।