देहरादून जिले के सहसपुर डकैती का मास्टर माइंड कोई और नहीं बल्कि कभी पुलिस का खास रहा मुखबिर है। उधर, गुरुवार को पुलिस ने डकैती में शामिल चार आरोपियों के गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने इन आरोपियों को सहसपुर के धर्मावाला के गिरफ्तार किया है। इनके नाम शीषनाथ, गुलशन, अन्ना, सिकंदर, साजन हैं। सभी आरोपी देहरादून जिले के रहने वाले हैं। इनके पास से पुलिस ने गहने और 15 हजार रुपए बरामद किए हैं।
सूत्रों के मुताबिक शहर में कई वारदात के खुलासों में इस मुखबिर ने पुलिस की मदद करके अधिकारियों तक अपनी पैठ बना ली है। डकैती मामले की अब तक की जांच में इस मुखबिर की संलिप्तता सामने आ रही है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक इसने ही पंजाब के सपेरा जाति के शातिरों को डकैती डालने का न्यौता दिया था। हालांकि पुलिस अभी इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रही है, लेकिन उसके सहारे फरार बदमाशों तक पहुंचने की कोशिश जारी है।
सहसपुर के लक्ष्मीपुर बालूवाला में सोमवार रात चंद्रकांता के आवास पर हुई डकैती की साजिश के तार देहरादून से भी जुड़ रहे है। पंजाब के तरणताल इलाके में सपेरा जाति के अपराधी काफी समय से दून जिले में सक्रिय हैं। इस बार उन्हें पुलिस के खास मुखबिर ने बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए बुलाया था।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
मौके पर यदि पुलिस हस्तक्षेप न करती तो कुछ भी हो सकता था।
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इलाका भी वो चुना गया, जहां पर प्रशिक्षु आईपीएस मंजूनाथ टीसी एसओ का काम देख रहे हैं, क्योंकि मुखबिर अब तक उनके टच में नहीं था। मास्टर माइंड मुखबिर ने ना केवल इलाके में बदमाशों को भ्रमण कराया, बल्कि घटना में प्रयुक्त दो कारें भी उपलब्ध कराने में रोल अदा किया।
यही वजह थी कि बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों कारों को वापस छोड़ने के लिए आ रहे थे, लेकिन पुलिस सक्रियता ने उनकी योजना पर पानी फिर गया। एक डकैत हाथ आया तो घटना की तस्वीर साफ होती चली गई।
जानकारी के मुताबिक पुलिस मुखबिर के साथ है पर उसे अभी तक अधिकारियों ने किसी तरह का शक नहीं होने दिया है कि उसकी पोल पट्टी खुल चुकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी कुछ भी कहना मुमकिन नहीं है। विवेचना में जिसके खिलाफ भी साक्ष्य आएंगे, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी, चाहे वो कोई भी हो।