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Pithoragarh News: बच्चेदानी में संक्रमण से जूझ रही महिलाएं, इलाज के लिए नहीं हैं डॉक्टर

Mon, 18 May 2026 10:43 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले में महिलाएं बच्चेदानी में संक्रमण और गांठ की दिक्कत से जूझ रही हैं। चिंता की बात यह है कि महिलाओं को स्थानीय अस्पतालों में इस बीमारी का इलाज मिलना मुश्किल है। यदि इलाज कराना हो तो संबंधित महिला को सिर्फ जिला मुख्यालय के चक्कर काटने होंगे।
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महिला अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, इन दिनों अस्पताल पहुंचने वाली महिलाओं में बच्चेदानी में संक्रमण और गांठ की दिक्कत के मामले अधिक आ रहे हैं। रोजाना इस तरह के केस 40 से अधिक आ रहे हैं। आंकड़ों से साफ है कि महिलाओं में यह दिक्कत बढ़ रही है लेकिन इलाज के लिए महिला रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। सीमांत जिले में धारचूला, मुनस्यारी, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, डीडीहाट सीएचसी में महिला रोग विशेषज्ञों के पद स्वीकृत हैं।
अब तक किसी भी अस्पताल में विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो सकी है। जिले की तीन लाख महिला आबादी के इलाज और जांच के लिए सिर्फ जिला महिला अस्पताल में ही दो विशेषज्ञ हैं। ऐसे में मजबूर होकर इन दिक्कतों से जूझ रहीं जिले भर की महिलाओं को इलाज के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। ये महिलाएं 60 से 130 किलोमीटर का सफर कर महिला अस्पताल पहुंच रही हैं तब जाकर उनको इलाज मिल रहा है।
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हार्मोस असंतुलन और फास्ट फूड कारण
चिकित्सकों ने बताया कि हार्मोन असंतुलन के साथ ही फास्ट फूड का अधिक प्रयोग इसका बीमारी का मुख्य कारण है। फास्ट फूड के अधिक सेवन से महिलाओं का वजन भी बढ़ रहा है, जिससे हार्मोन असंतुलित हो रहे हैं। ऐसे में महिलाओं को बच्चेदानी में संक्रमण और गांठ की समस्या बढ़ रही है। समय से जांच और दवा का पूरा कोर्स करने से इससे बचाव संभव है। यदि कोर्स पूरा नहीं किया तो यह समस्या फिर से पैदा हो सकती है।
बचाव

महिलाओं को बच्चेदानी में दर्द होने, चेहरे में अनियमित बाल बढ़ने, कमर दर्द, शरीर में सूजन जैसी समस्याएं होने पर शीघ्र स्त्री रोग विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए। फास्ट फूड खाने से परहेज और नियमित व्यायाम करना आवश्यक है।
कोट
महिलाओं में बच्चेदानी में संक्रमण के मामले बढ़े हैं। इसकी मुख्य वजह फास्ट फूड का अधिक सेवन, हार्मोंस का असंतुलन और माहवारी में अनियमितता है। समय पर जांच और इलाज नहीं किया गया तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है। - डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, प्रभारी पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़
महिला रोग विशेषज्ञों के रिक्त पदों की सूचना निदेशालय को दी गई है। विशेषज्ञों की तैनाती शासन स्तर पर ही संभव है। महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति विभाग गंभीर है। - डॉ. एसएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़
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