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कोरोना से मिलकर लड़ेंगे, नियमों का पालन कर पढ़ेंगे

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पिथौरागढ़ एसडीएस में हाथों को सैनिटाइज कराती शिक्षिका। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। जिले में मंगलवार को खुले 215 शासकीय स्कूलों में पहले दिन 38 फीसदी छात्र संख्या रही। सीईओ ने स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। सभी स्कूलों में कोविड नियमों का पालन किया गया। कई स्कूलों में बच्चों का टीकाकरण भी किया गया। छात्र-छात्राओं का कहना है कि कोरोना के खिलाफ सबको एकजुट होकर लड़ना होगा। इसके लिए मास्क, सैनिटाइजर और सामाजिक दूरी का पालन करना अति आवश्यक है। कोरोना के चलते अब और ज्यादा समय तक पढ़ाई को बाधित नहीं रखा जा सकता है।
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जनपद में संचालित 215 शासकीय विद्यालय शीतकालीन अवकाश के बाद खुल गए हैं। स्कूल पहुंचने पर बच्चों को थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। कक्षाओं में सामाजिक दूरी का पालन किया। पहले दिन में कक्षा 10 से 12 तक शिक्षण कार्य हुआ। इसमें 16403 पंजीकृत छात्र-छात्राओं में से 6233 उपस्थित रहे।
मुख्य शिक्षा अधिकारी जितेंद्र सक्सेना ने विकासखंड मूनाकोट के जीआईसी बड़ाबे, जीआईसी पत्थरखानी, आठगांवशिलिंग, विण के जीजीआईसी, एंचोली का औचक निरीक्षण किया गया। जीआईसी बड़ाबे में कक्षा 10 से 12 तक 114 पंजीकृत छात्र-छात्राओं में से 52, जीआईसी पत्थरखानी 82 में से एक, जीआईसी आठगांवशिलिंग में 98 में से 47, जीजीआईसी एंचोली एंचोली में 103 छात्राओं में से 29 छात्राएं विद्यालय में उपस्थित मिलीं। इन विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति 32 प्रतिशत रही। सीईओ ने शिक्षकों को अभिभावकों से संपर्क कर विद्यालय में शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। जीआईसी बड़ाबे का पुराना भवन, जीआईसी आठगांवशिलिंग में पुराने भवन के दो कक्षा-कक्षों के ध्वस्तीकरण के लिए प्रस्ताव प्रेषित किये जाने के निर्देश दिए। इस दौरान शिक्षा विभाग के अनिल कुमार मौजूद रहे।
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स्कूल फिर से खुलने पर अच्छा लग रहा है। हमें आज वैक्सीन भी लगाई गई, जो अच्छी बात है। अब हम भी कोरोना की लड़ाई में शामिल हो गए हैं। - गीता चौहान, छात्रा
कोरोना महामारी के चलते हमारी पढ़ाई पर काफी असर पड़ा है। उम्मीद है अब टीकाकरण के बाद हमें कोरोना संक्रमण नहीं होगा। - अनामिका, छात्रा
शीतकालीन अवकाश के बाद विद्यालय में प्रथम दिन अच्छा लग रहा है। डर था कोरोना के कारण फिर से लॉकडाउन न लगे। सामाजिक दूरी के तहत कक्षा में पढ़ाई की। -सूरज चंद, छात्र
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स्कूल पहुंचने पर हमारा तापमान मापा गया। हाथों को सैनिटाइज किया गया। हमने अपने दोस्तों से भी सामाजिक दूरी के तहत ही बात की। -कन्हैया गुप्ता, छात्र
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