डीडीहाट (पिथौरागढ़)। जनता के टैक्स के पैसों से बनी 23 करोड़ की पेयजल योजना पांच साल में ही जवाब देने लगी है। थल में रामगंगा नदी पर बनी लिफ्ट पेयजल योजना आए दिन खराब हो रही है। करोड़ों की इस योजना से पिछले 15 दिनों से जलापूर्ति ठप है और 15 हजार की आबादी पानी के लिए तरस रही है।
डीडीहाट नगर के लोगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के दावे कर पांच साल पूर्व थल रामगंगा नदी में 23 करोड़ की लागत से लिफ्ट पेयजल योजना को धरातल पर उतारा गया। शुरूआत में इस योजना का साथ मिला और पर्याप्त जलापूर्ति हुई। पिछले दो साल से यह योजना आए दिन लोगों का साथ छोड़ रही है। योजना में खराबी आने से पिछले 15 दिनों से जलापूर्ति ठप है। ऐसे में नगर के लोग पानी के लिए तरस गए हैं। कड़ाके की ठंड में लोगों को प्राकृतिक जल स्रोतों और हैंडपंपों की दौड़ लगाकर अपनी जरूरत को पूरा करना पड़ रहा है। करोड़ों की योजना बनाने के बाद भी पीने का पानी नसीब न होने से क्षेत्र के लोगों में खासा आक्रोश है।
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रोजाना 2 एमएलडी की जरूरत, मिल रहा 0.50 एमएलडी
डीडीहाट नगर को रोजाना 2 एमएलडी पानी की जरूरत है परंतु अभी 0.50 एमएलडी पानी की ही आपूर्ति हो पा रहा है। नगर के कई इलाकों में पानी नहीं आ रहा है। हालांकि जल संस्थान टैंकरों से नगर में पानी की सप्लाई कर रहा है। लोग कड़ाके की ठंड के बीच टैंकरों का इंतजार करने को विवश हैं।
जलनिगम की नगर में पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी
थल में रामगंगा पर बनी पपिंग योजना से डीडीहाट नगर के टैंकों तक पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी जल निगम की है। वहीं नगर में पानी की सप्लाई जल संस्थान के माध्यम से होती है। योजना से पेयजल आपूर्ति में कमी आखिर किस स्तर से है यह तो जांच-पड़ताल से ही पता चलेगा, लेकिन दो विभागों में बंटी इस योजना का खामियाजा डीडीहाट नगर के लोग भुगत रहे हैं।
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बोले लोग
लिफ्टिंग पेयजल योजना सफेद हाथी साबित हो रही है। करोड़ों की धनराशि खर्च करने के बाद भी इस योजना से पानी नहीं आना अफसोसजनक है। - मनोहर सिंह चौहान, अधिवक्ता, डीडीहाट
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सालभर में इस योजना से पूरा पानी कभी भी डीडीहाट के लोगों को नहीं मिलता है। आए दिन योजना हमारा साथ छोड़ रही है और हम हैंडपंपों पर निर्भर हैं। - गोविंद लाल शाह, राज्य आंदोलनकारी, डीडीहाट
सर्द रातों में पानी के लिए इंतजार करना काफी मुश्किल हो रहा है। रोज टैंकरों से ही पानी भरना पड़ रहा है। हर घर नल से जल पहुंचाने के दावे हवाई हैं। - गिरधर सिंह बोरा, निवासी डीडीहाट
कोट
रामगंगा नदी के रुख में बदलाव के कारण नदी क्षेत्र में बने कुएं में पानी कम हो गया है। कुएं के आसपास रेत व पत्थरों को हटाने का काम किया जा रहा है, जिससे पानी की सप्लाई बढ़ सके। - एमएस दुग्ताल, अवर अभियंता, जल निगम, डीडीहाट
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