चंचल सिंह की मौत से शोक में डूबा तल्लाबगड़ क्षेत्र
हादसे में मृत चंचल सिंह पिथौरागढ़ के विण में दुकान चलाते थे और अविवाहित थे। उनके माता-पिता डौड़ा गांव में ही रहते हैं। चंचल चार भाइयों में दूसरे नंबर के थे। उनका बड़ा भाई सेना से सेवानिवृत है और दो भाई उनसे छोटे हैं। हादसे की सूचना के बाद माता-पिता सहित सभी परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने उनके घर पहुंचकर सांत्वना दी। चंचल सिंह हास्य कलाकार भी थे और तमाम मौकों पर लोगों को गुदगुदाया करते थे। उनकी मौत का समाचार मिलते ही पूरे तल्ला बगड़ क्षेत्र में शोक छा गया।
मर्चेंट नेवी में था कुंदन सौन
हादसे में जान गंवाने वाले क्वीतड़ गांव निवासी कुंदन सिंह सौन मर्चेंट नेवी में थे। उनके पिता भूपेंद्र सिंह सौन भूतपूर्व सैनिक हैं। उनका परिवार वर्तमान में एपीएस के निकट रहता है। कुंदन की दो बहनें हैं। एक बहन की शादी हो चुकी है। सूचना मिलने के बाद पिता भूपेंद्र सिंह और अन्य परिजन लखीमपुर खीरी के लिए सुबह ही रवाना हो गए। कुंदन की माता का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे की जानकारी मिलते ही परिचित और रिश्तेदार ढाढ़स बंधाने के लिए पहुंचे।
माता-पिता के साथ पिथौरागढ़ में रह रहा था प्रतीक
चंपावत-लोहाघाट के बाराकोट निवासी और जीआईसी पीपलकोट पिथौरागढ़ के भूगोल प्रवक्ता भुवन चंद्र शर्मा का पुत्र प्रतीक शर्मा (24) अपने माता-पिता के साथ पिथौरागढ़ में ही रहता था। वहीं रहकर वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयार कर रहा था। वह बेहद व्यवहार कुशल था। लड़ीधुरा शैक्षिक सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष नगेंद्र जोशी ने बताया कि रविवार तड़के लखीमपुर खीरी (यूपी) में सड़क हादसा हो गया जिसमें प्रतीक की मौत हो गई। प्रतीक की मौत की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। लड़ीधुरा शैक्षिक सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष नगेंद्र ने बताया कि परिजन शव लेकर बाराकोट की ओर रवाना हो गए हैं। सोमवार को अंतिम संस्कार रामेश्वर घाट में किया जाएगा। युवक की मौत के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है। प्रतीक दो भाइयों में छोटा था।