मानसून के दौरान जल भराव की स्थिति से बचने के लिए जलाशय की सफाई करने साथ ही सिल्ट को सुरक्षित स्थान पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम के निर्देश पर जलाशय से प्रात: छह बजे से दोनों गेटों से करीब 85 क्यूबिक पानी छोड़ा गया।
धारचूला में एनएचपीसी के धौलीगंगा पॉवर स्टेशन के उप महाप्रबंधक (सिविल) सुरेश पहाड़िया ने बताया कि जिलाधिकारी रीना जोशी के निर्देश पर जलाशय से प्रात: छह बजे से दोनों गेटों से करीब 85 क्यूबिक पानी छोड़ा गया। रविवार को भी जलाशय से पानी छोड़ा जाएगा। जलाशय के दोनों गेट रविवार 10 बजे बंद किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पावर स्टेशन के जलाशय में नदी के पानी के साथ आई सिल्ट काफी मात्रा में एकत्रित हो गई है।
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मानसून के दौरान जल भराव की स्थिति से बचने के लिए जलाशय की सफाई करने साथ ही सिल्ट को सुरक्षित स्थान पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारी, कमांडेंट एसएसबी कमांडिंग ऑफिसर आरसीसी ग्रिफ, महाप्रबन्धक, धौलीगंगा पावर स्टेशन तपोवन को जलाशय पानी छोड़ते समय सिंचाई खंड धारचूला से समन्वयन स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने काली नदी के जलस्तर का समय-समय पर संज्ञान लेने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी पिथौरागढ़/ चम्पावत, जनपद पुलिस नियंत्रण कक्ष को संबंधित थानों, चौकियों को अवगत कराने को कहा है। उन्होंने किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए नदी तट से लगे ग्रामीणों को स्वयं अथवा अपने पशुओं को नदी किनारे नहीं जाने की सलाह दी है। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना घटित होने की स्थिति में तत्काल तहसील नियंत्रण कक्ष धारचूला एवं जिला आपदा नियंत्रण कक्ष पिथौरागढ़ को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
धौलीगंगा, काली नदी का जलस्तर बढ़ा
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छिरकिला जलाशय से पानी छोड़े जाने से धौलीगंगा का जलस्तर काफी बढ़ गया है। धौलीगंगा का पानी तवाघाट चौक पर काली नदी के संगम पर मिलता है। इससे नदी का पानी भी काफी मटमैला हो गया है। साथ ही काली नदी का भी जल स्तर काफी बढ़ा है। प्रशासन ने काली नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क किया है। उन्हें नदी किनारे नहीं जाने की चेतावनी दी है।