पिथौरागढ़। जिले के दुर्घटना और पाला संभावित कई स्थानों में अभी भी चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। यही नहीं पाला संभावित क्षेत्रों में चूने और नमक का छिड़काव भी नहीं किया जा रहा है।
सीमांत जिले की सबसे व्यस्ततम सड़क पिथौरागढ़-धारचूला-तवाघाट सड़क पर 200 से अधिक पाला संभावित क्षेत्र हैं। इस सड़क से धारचूला, मुनस्यारी, डीडीहाट, कनालीछीना, भागीचौरा, अस्कोट, जौलजीबी, पीपली, तल्लाबड़, छड़नदेव, मातोली आदि स्थानों के लिए आवागमन होता है।
इस सड़क पर सबसे ज्यादा पाला नैनीपातल, पातलपोखरा, सतगढ़, कंचनपुर, कुलानपुल, गुड़ौली, खिरचना, चर्मा सहित कई अन्य हिस्सों में पड़ता है। इसके बाद भी बीआरओ ने अभी तक पाला संभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए है और पानी तथा नमक का छिड़काव भी नहीं किया गया है।
नैनीपातल, पातलपोखरा और जीआईसी टोटानोला के पास कई दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त होकर घायल हो चुके हैं। इसके बाद भी इन स्थानों पर सुरक्षात्मक कार्य नहीं किए जा रहे हैं। कांग्रेस नेता एडवोकेट रमेश कापड़ी ने शीघ्र इन स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने और चूने और नमक का छिड़काव करने की मांग की है।
कोट
बीआरओ को पाला संभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाने और नियमित चूने और नमक का छिड़काव करने के निर्देश दिए है। इस संबंध में बीआरओ के अधिकारियों से बात की जाएगी। - रीना जोशी, डीएम पिथौरागढ़।