मुनस्यारी के समकोट सड़क में जमी बर्फ को हटाते ग्रामीण।
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पिथौरागढ़। बर्फबारी से मुनस्यारी के समकोट के लिए यातायात सुचारु नहीं हो पाया है। बर्फ के ऊपर पाला गिरने से सड़क पर वाहन फिसल रहे हैं। ग्रामीणों को स्वयं बर्फ हटाने को मजबूर होना पड़ रहा है। बर्फबारी से पेयजल लाइनें टूटने से ग्रामीण बर्फ पिघलाकर प्यास बुझा रहे हैं।
इस बार मुनस्यारी में 15 बार हिमपात हो चुका है। हिमपात के कारण समकोट क्षेत्र में अभी भी हालात सामान्य नहीं हुए हैं। हालात यह हैं कि गांव को जोड़ने वाली सड़क पर बर्फ के ऊपर पाला गिरने से वाहन फिसल रहे हैं। गिनी बैंड से समकोट तक आठ किमी लंबी रोड पर ज्यादातर स्थानों पर सड़क बेहद फिसलन भरी है। प्रशासन की ओर से कोई प्रयास नहीं होने पर ग्रामीणों ने खतरा बनी बर्फ को हटाने के लिए क्षेत्र पंचायत सदस्य मान सिंह बसेड़ा के नेतृत्व में ग्राम प्रधान राजेंद्र पवांर, महिपाल बसेड़ा, सुरेंद्र बसेड़ा, भग्गू बसेड़ा, सुरेंद्र पवांर, गुड्डू बसेड़ा, ईश्वर राणा आदि युवाओं ने फावड़े बेलचे लेकर बर्फ हटाने का प्रयास किया।
बर्फ के शीशे की तरह जम जाने से सड़क वाहनों के संचालन के लायक नहीं बन सकी। सड़क के खतरनाक होने से लोगों को पैदल ही आवागमन करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं बर्फबारी से गांव को जोड़ने वाली पेयजल लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सुंदर बसेड़ा ने बताया कि पेयजल लाइनें टूटने से पानी की आपूर्ति भी बाधित हो गई है। जहां से पानी की आपूर्ति होती हैं उन गधेरों में भी पानी जम गया है। नलों में पानी जमने के कारण सभी ग्रामीणों को बर्फ पिघलाकर पीने के पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र सड़क पर जमी बर्फ हटाने और क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं का सुधार कर जलापूर्ति सुचारु करने की मांग उठाई है।