धारचूला (पिथौरागढ़)। कोरोना टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम अति दुर्गम और दूरस्थ इलाकों में जा रही है। कई बाधाओं का सामना करने के बाद भी उनके हौसले बुलंद हैं।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भी अंतिम व्यक्ति तक वैक्सीन का सुरक्षा कवच पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चीन सीमा से सटे 12303 फुट की ऊंचाई पर स्थित देश के अंतिम गांव कुटी में लगभग 100 लोगों का टीकाकरण किया।
एएनएम कविता रौंकली, बीआरसी समन्वयक शंकर दत्त भट्ट, आभा फकलियाल और हिरंदा कुटियाल की टीम गुंजी, नाबी और रोंगकांग में 150 लोगों का टीकाकरण करने के बाद देश के अंतिम गांव कुटी पहुंची।
यहां टीकाकरण के लिए वैक्सीन खत्म होने के बाद बुधवार को एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने हेलीकॉप्टर से वैक्सीन की 100 डोज गुंजी पहुंचाई। वैक्सीन मिलने के बाद टीम ने व्यास घाटी के अंतिम गांव कुटी में टीकाकरण किया। कुटी से वापसी के दौरान शुक्रवार को गुंजी, नाबी, रोंगकांग और नपलच्यू में छूटे लोगों का टीकाकरण किया गया।
लोगों ने जताया आभार
गुंजी की सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल, गुंजी प्रधान सुरेश गुंज्याल, रोंगकांग प्रधान अंजू रौंकली, नाबी प्रधान सनम नबियाल और कुटी निवासी हरीश कुटियाल ने टीकाकरण कराने के लिए डीएम डॉ. आशीष चौहान और सीएमओ डॉ. एचसी पंत का आभार प्रकट किया है।
उनका कहना है कि माइग्रेशन में गए काफी लोगों को दूसरी डोज लगानी है। सड़क बंद होने के कारण ये लोग धारचूला नहीं आ पा रहे थे। टीकाकरण टीम स्वयं ही गांव में आ जाने से लोगों को काफी राहत मिली है और साथ ही लोगों का 1000 -1200 रुपये वाहन का किराया भी बच गया है।
धारचूला के 62 गांवों में 41 टीमें करेंगी टीकाकरण
धारचूला (पिथौरागढ़)। एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर 62 ग्राम सभाओं में टीकाकरण के लिए 41 टीमें बनाई हैं। इसमें 27 टीमों को सड़क और 14 टीमों को हेलीकॉप्टर से भेजा गया है। एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि एक सप्ताह में लगभग 12 हजार लोगों को वैक्सीन लगा दी है।